ठग किरण पटेल को गुरुवार को अहमदाबाद अपराध शाखा द्वारा ट्रांसफर वारंट पर जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर की जेल से गुजरात लाया गया। इसकी जानकारी एक अधिकारी ने दी और कहा कि धोखाधड़ी के एक मामले में गिरफ्तार कर लिया गया है। किरण पटेल के खिलाफ यह सातवीं प्राथमिकी है।
सबसे पहले किरण पटेल को कथित तौर पर प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के एक वरिष्ठ अधिकारी के रूप में खुद को पेश करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। किरण के जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा घेरे में घूमते हुए वीडियो वायरल हो गए थे। पटेल को तीन मार्च को चौकस सुरक्षा अधिकारियों ने पकड़ा था, तब वह कश्मीर घाटी की तीसरी यात्रा पर था।
अधिकारी ने कहा कि उसे शुक्रवार तक अपराध शाखा की हिरासत में भेज दिया गया, यह दूसरा मौका है जब गुजरात पुलिस उन्हें ट्रांसफर वारंट के जरिए जम्मू-कश्मीर से लेकर आई है। एक बयान के अनुसार, किरण पटेल पर भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी), 406 (विश्वास का उल्लंघन), 120बी (आपराधिक साजिश) और 170 (प्रतिरूपण) के तहत आरोप लगाया गया है।
जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि गुजरात के भरत पटेल एक साल पहले मोरबी में एक फैक्ट्री स्थापित करने की योजना बना रहे थे, तभी किरण पटेल ने उनसे यह दावा करते हुए संपर्क किया कि वह पीएमओ में ए क्लास के अधिकारी के रूप में काम करता है और वह अपने प्रभाव का उपयोग करके राज्य सरकार से आवश्यक मंजूरी प्राप्त कर सकता है और इसके एवज में किरण पटेल ने व्यवसायी से विभिन्न किस्तों में 42.86 लाख रुपये लिए।
हालांकि, जब सात-आठ महीने तक कुछ नहीं हुआ, तो भरत पटेल को शक हुआ और पता चला कि किरण पटेल झूठ बोल रहा है। इसके बाद उन्होंने पुलिस में मामला दर्ज कराया। किरण पटेल गुजरात के अहमदाबाद, वडोदरा और बयाद शहरों में इसी तरह की एफआईआर का सामना कर रहे हैं और कुछ मामलों में उनकी पत्नी मालिनी पटेल को सह-आरोपी के रूप में रखा गया है।