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लोकसभा में फिर उठा किरण बेदी की टिप्पणी वाला मुद्दा, उपराज्यपाल ने जताया खेद

Thu, 04 Jul 2019 02:00 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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लोकसभा (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
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लोकसभा में द्रमुक सांसद टीआर बालू ने दूसरी बार पुड्डुचेरी की उपराज्यपाल किरण बेदी की टिप्पणी का मुद्दा उठाया और उसे सांसदों का ‘अपमान’ बताया। इस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि इस मामले पर गृह मंत्रालय ने संज्ञान लिया है और पुड्डुचेरी की उपराज्यपाल ने अपनी टिप्पणी के लिए गहरा खेद प्रकट किया है। सिंह ने कहा कि जब पुड्डुचेरी की उपराज्यपाल किरण बेदी से जुड़ा मामला सार्वजनिक हुआ तब गृह मंत्रालय ने इस पर संज्ञान लिया। उपराज्यपाल बेदी ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर गहरा खेद प्रकट किया है।

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रक्षा मंत्री ने बताया कि उपराज्यपाल ने कहा कि यह बयान उन्होंने व्यक्तिगत हैसियत में दिया गया था जो ‘एक आम व्यक्ति के भाव को प्रकट करता है।’ सिंह ने कहा, ‘हालांकि मेरा मानना है कि इससे (ऐसी टिप्पणी) बचा जा सकता था।’ उन्होंने कहा कि ऐसी टिप्पणी को सार्वजनिक रूप से देने से बचा जा सकता था। रक्षा मंत्री ने कहा कि किरण बेदी ने कहा है कि उन्हें जितना प्रेम पुड्डुचेरी की जनता है, उतना ही स्नेह तमिलनाडु के लोगों से है और उनकी मंशा कभी किसी को आहत करने की नहीं रही।

राजनाथ सिंह ने कहा कि उपराज्यपाल के इन शब्दों के आलोक में इस विषय पर अब विराम लगे। सदन में इस विषय को उठाते हुए टी आर बालू ने कहा कि पुड्डुचेरी की उपराज्यपाल की टिप्पणी गलत है। यह तमिलनाडु के लोगों, सांसदों का ‘अपमान’ है। यह तमिलनाडु के समाज का ‘अपमान’ है। इस विषय पर ध्यान देने की जरूरत है।
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एआईएमआईएम के असदुद्दीन ओवैसी ने भी द्रमुक सदस्यों का समर्थन किया। बता दें कि बेदी ने अपने ट्वीट में कहा था, ‘संभावित उत्तर के साथ एक प्रश्न। भारत का छठा सबसे बड़ा शहर चेन्नई देश में सूखाग्रस्त सबसे पहला शहर है। केवल चार साल पहले हुई बारिश के कारण यहां बाढ़ आई थी तो समस्या कहां है? उत्तर-खराब शासन, भ्रष्ट राजनीति, उदासीन नौकरशाही और स्वार्थी तथा कमजोर लोग।’ 

लोकसभा में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि पुड्डुचेरी की उपराज्यपाल ने अपने बयान से तमिलनाडु की जनता का ‘अपमान’ किया है। सदन को एक प्रस्ताव पास करना चाहिए कि उन्हें हटाया जाए। उल्लेखनीय है कि द्रमुक सदस्यों ने बुधवार को भी निचले सदन में इस विषय को उठाया था और इस विषय पर अध्यक्ष के आसन के समीप आकर नारेबाजी भी की थी।

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