फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Aurangzeb Row: 'औरंगजेब की कब्र वाले खुल्ताबाद शहर का नाम बदलकर रत्नापुर रखा जाएगा', फडणवीस के मंत्री का एलान

Tue, 08 Apr 2025 11:27 AM IST
अभिषेक दीक्षित पीटीआई, मुंबई

सार

महाराष्ट्र में औरंगजेब को लेकर जार विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सरकार में मंत्री संजय शिरसाट ने खुल्ताबाद शहर का नाम बदलने का एलान कर दिया है। इससे पहले सरकार ने औरंगाबाद का नाम बदलकर संभाजीनगर कर दिया था। 
विज्ञापन
देवेंद्र फडणवीस - फोटो : एक्स/देवेंद्र फडणवीस
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

महाराष्ट्र में औरंगजेब को लेकर मचे बवाल के बीच देवेंद्र फडणवीस सरकार के मंत्री ने खुल्ताबाद शहर का नाम बदलने का एलान कर दिया है। महाराष्ट्र के मंत्री संजय शिरसाट ने कहा है कि मुगल बादशाह औरंगजेब की कब्र वाले खुल्ताबाद शहर का नाम बदलकर रत्नापुर रखा जाएगा। 

विज्ञापन


सामाजिक न्याय मंत्री, राज्य के कुछ अन्य नेता और दक्षिणपंथी संगठन छत्रपति संभाजीनगर शहर से करीब 25 किलोमीटर दूर खुल्ताबाद से औरंगजेब की कब्र हटाने की मांग कर रहे हैं। औरंगजेब, उसके बेटे आजम शाह, निजाम आसफ जाह और कई अन्य लोगों की कब्रें इस इलाके में स्थित हैं।

यह भी पढ़ें- सुप्रीम कोर्ट की तमिलनाडु राज्यपाल को फटकार, विधेयकों को मंजूरी नहीं देने पर जताई नाराजगी
विज्ञापन


'औरंगजेब की कब्र के लिए महाराष्ट्र में कोई जगह नहीं'
इससे पहले पिछले महीने शिरसाट ने कहा था कि छत्रपति संभाजी महाराज को प्रताड़ित करने और उनकी हत्या करने वाले क्रूर सम्राट औरंगजेब की कब्र के लिए महाराष्ट्र में कोई जगह नहीं है। पिछले हफ्ते ही पत्रकारों से बात करते हुए शिरसाट ने कहा था कि छत्रपति संभाजीनगर को पहले खड़की के नाम से जाना जाता था और बाद में इसका नाम बदलकर औरंगाबाद कर दिया गया। 

'रत्नापुर का नाम बदलकर खुल्ताबाद कर दिया गया था'
शिवसेना नेता ने कहा, 'खुल्ताबाद को पहले रत्नापुर के नाम से जाना जाता था। औरंगजेब के शासनकाल में कई जगहों के नाम बदले गए थे। हम खुल्ताबाद का नाम बदलकर रत्नापुर करने जा रहे हैं।' छत्रपति संभाजीनगर जिले के संरक्षक मंत्री ने कहा, 'हम उन सभी जगहों के नाम बदलने की प्रक्रिया चला रहे हैं, जिनके नाम उचित नहीं हैं। जैसे- औरंगाबाद। औरंगजेब के शासनकाल में रत्नापुर का नाम बदलकर खुल्ताबाद कर दिया गया था।'
विज्ञापन


यह भी पढ़ें- 'मैं सांसद हूं... जांच में सहयोग करूंगा', थाने पहुंचे जियाउर्रहमान बर्क, SIT के सवालों का देंगे जवाब

सरकार स्मारक बनाने को लेकर भी सकारात्मक
शिरसाट ने कहा कि सरकार खुल्ताबाद में एक स्मारक बनाने को लेकर भी सकारात्मक है। यह छत्रपति शिवाजी महाराज और उनके बेटे संभाजी महाराज के इतिहास का प्रतीक बनेगा।

संबंधित वीडियो

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें