पूर्णिमा त्रिपाठी: यह जो भी था यह पूरा एक साजिश की तहत हुआ है। इससे किसे फायदा होगा और किसे नुकसान होगा यह सभी को पता है। मैं एक बात कहना चाहती हूं कि औरंगजेब के मामले में जो बवाल चल रहा है वो बारूद में तीली लगाने के जैसा है। किसी फिल्म को अपने एक्शन का आधार बना लेना कहीं से भी उचित नहीं है। जो भी इस तरह की चीजों को बढ़ावा दे रहा है उसे समझना होगा कि ये चीजें यहीं नहीं रुकेंगीं। आप ढूंढने जाएंगे तो भारत में ऐसे हजारों हजार आक्रांता हैं। इस तरह की कब्र खोदने जाएंगे तो देश तबाह हो जाएगा। ऐतिहासिक अन्याय को आप कहां तक उभाकर घावों को कितना हरा कर रहे हैं, इसका आपको अनुमान भी नहीं है। ऐसा करके देश को मत जलाइये।
हर्षवर्धन त्रिपाठी: जब से महाराष्ट्र में सरकार बनी तब से क्या हो रहा है। ये जो घटना है, उसमें हम मुख्य किरदार को भूल गए हैं। इसमें मुख्य किरदार अबु आसिम आजमी हैं। इस पूरे विवाद में हम उन्हें भूल गए। अबु आजमी के बयान के बाद जब उन्हें निलंबित किया गया, उसके बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जिस तरह का बयान दिया उसे देखिए। फ्रॉड सेक्युलरिज्म का राग गाना कहां तक सही है। इस मामले में जितने भी दोषी साबित होते हैं उन्हें ऐसी सजा दी जाए जिससे कोई भी इस तरह की हिम्मत न कर सके।
Nagpur Violence: 'भड़काऊ पोस्ट करने वाले भी आरोपी, नुकसान की भरपाई दंगाइयों से की जाएगी', एक्शन में CM फडणवीस