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Khabron Ke Khiladi: हर दिन हो रहे छांगुर से जुड़े खुलासे, विश्लेषकों ने बताया धर्मांतरण कितनी बड़ी चुनौती

Sat, 12 Jul 2025 09:27 PM IST
संध्या कुमारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

यूपी एटीएस  ने अवैध धर्मांतरण के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। टीम ने इसके रैकेट के  मुख्य सरगना जलालुद्दीन उर्फ छांगूर बाबा को गिरफ्तार किया है। यह रैकेट मुख्यतौर पर  हिंदु लड़कियों, महिलाओं और गरीबों का धर्म परिवर्तन कराते थे। इस हफ्ते खबरों के खिलाड़ी में इस विषय की गंभीरता पर चर्चा हुई। 

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खबरों के खिलाड़ी - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में अवैध धर्मांतरण के आरोप में जलालुद्दीन उर्फ छांगुर गिरफ्तार हुआ है। बताया जा रहा है कि छांगुर ने तीन से चार हजार से अधिक हिंदुओं को निशाना बनाया था। छांगुर के अवैध धर्मांतरण रैकेट की जांच एसटीएफ कर रही है। इस हफ्ते खबरों के खिलाड़ी में इसी पर चर्चा हुई। चर्चा के लिए वरिष्ठ पत्रकार रामकृपाल सिंह, विनोद अग्निहोत्री, समीर चौगांवकर, राकेश शुक्ल और हर्षवर्धन त्रिपाठी मौजूद रहे। 

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समीर चौगांवकर: भारत के अंदर धर्मांतरण का एक बड़ा सिंडेकेट लंबे समय से चलता रहा है। क्रिश्चन मिशिनरीज का का धर्मांतरण का लंबा इतिहास रहा है। मुस्लिम वर्ग में भी इस तरह का एक वर्ग है। छांगुर से जुड़ा जो मामला सामने आया है ये कोई छोटा मामला नहीं है। इसमें विदेशी से लेकर देश के बड़े नेताओं के जुड़े होने की बात सामने आ रही है। जो लोग पर्दे के पीछे इसका समर्थन कर रहे थे, जब इसका खुलासा होगा तो कई सफेदपोश इससे जुड़े मिलेंगे। प्रशासन को भी ध्यान देने की जरूरत है। ये उत्तर प्रदेश की सरकार और प्रशासन के लिए आंख खोलने वाला मामला है। 

राकेश शुक्ल: इसमें सबसे बड़ा सवाल है कि जितना दोषी इसके लिए तथाकथित पीर है उतना ही दोषी इसके लिए वहां का प्रशासन भी है। तमाम बयान आ रहे हैं कि जिनका धर्म परिवर्तन करने के लिए दबाव बनाया गया क्या उनकी शिकायत ली गई। नहीं ली गई तो क्या उनके खिलाफ कार्रवाई होगी, ये बड़ा सवाल है। इस मामले का खुलासा होने में उत्तर प्रदेश सरकार की भूमिका नहीं है बल्कि, वो शख्स जो उसे छांगुर के खिलाफ लगातार लड़ाई लड़ रहा था और प्रधानमंत्री तक से शिकायक की। 

 

हर्षवर्धन त्रिपाठी: मेरा कहना है कि सबसे पहले छांगुर को बाबा या संत नहीं बोलना चाहिए। ये जाललुद्दीन जो नग अंगूठियां बेचता था उसने ये सब किया। फेक सेक्युरिज्म की बात करने वालों से सवाल पूछना होगा। ये क्यों नहीं तय किया जाता है कि अगर प्रेम विवाह होगा, अगर लड़की हिंदू है तो वो मुस्लिम नहीं बनेगी। प्रशासन को काम करना चाहिए, इतने समय तक कोई इतना बड़ा साम्राज्य बना ले जाता है तो प्रशासन ऊपर से लेकर नीचे तक इसके लिए जिम्मेदार है। 

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रामकृपाल सिंह: हम लोग कई बार चौंकते हैं, जबकि इसमें कोई नई चीज नहीं है। इस धरती पर जितने भी धर्म हैं उनमें सिर्फ एक धर्म जब पैदा हुआ तब से उसकी फिलॉसिफी है कि ये धरती सिर्फ आपकी है। धर्मांतरण की ये प्रक्रिया कभी रुकी ही नहीं। ईरान, लेबनान सब बदल गया। हिन्दुस्तान में जो भी आज मुस्लिम आबादी है वो कनवर्ट है। जो आदमी एक साइकिल पर कुछ बेचता था वो करोड़ों की प्रॉपर्टी खड़ी कर रहा है और पूरा प्रशासन चुप है। 

 

विनोद अग्निहोत्री: धर्मांतरण एक बहुत ही गंभीर मुद्दा है। ये कानूनी रूप से भी और नैतिक रूप से भी अपराध है। ये धर्मांतरण मुस्लिम और क्रिश्चनिटी दोनों तरफ से होता है। हमारे धर्म में जो वंचित तबका है, उसके उत्थान पर भी काम करना होगा। जो पार्टी धर्मांतरण का सबसे बड़ी विरोधी है अगर उसके राज में इस तरह के धर्मांतरण हो रहे हैं तो वो उस सरकार पर भी सवाल है। एलआईयू और सेंट्रल इंटेलिंजेस की टीमों पर भी ये सवाल है।



 
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