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केतन हत्याकांड: धक्का देने से पहले सिया ने क्यों बदली अपनी जगह? बैठने के इशारे के पीछे थी ये बड़ी साजिश

Sun, 28 Jun 2026 10:49 PM IST
Rahul Kumar पीटीआई, पुणे

सार

पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच तेज हो गई है। मामले की सच्चाई और घटनाक्रम को समझने के लिए रविवार सुबह पुणे ग्रामीण पुलिस ने लोहागढ़ किले पर क्राइम सीन रीक्रिएशन कराया। इसके लिए मुख्य आरोपी सिया गोयल को भी पुलिस घटनास्थल पर लेकर पहुंची। अब पुलिस ने इस मामले में बड़ा खुलासा किया है। 
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केतन हत्याकांड। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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केतन अग्रवाल हत्याकांड में हर दिन चौंकाने वाली जानकारियां सामने आ रही हैं। पुलिस ने रविवार को दावा किया कि सिया गोयल का बैठना केवल कथित प्रेमी चेतन चौधरी को धक्का देने का संकेत नहीं था, बल्कि यह उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी सोची-समझी योजना का हिस्सा था। वहीं चेतन ने पुलिस से बचने के लिए वारदात वाले दिन कार की जगह स्कूटर का इस्तेमाल किया था। 

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बैठना सिर्फ धक्का देने का इशारा नहीं था
पुलिस ने रविवार को बताया कि केतन अग्रवाल की मंगेतर सिया गोयल का घटनास्थल वाली जगह पर बैठना, केवल अपने कथित प्रेमी चेतन चौधरी को केतन को लोहागढ़ किले से नीचे धकेलने का इशारा नहीं था, बल्कि यह पक्का करना भी था कि गिरते समय वह केतन की पहुंच से दूर रहे।

पुलिस के अनुसार, योजना के तहत सिया को पानी पीने या जूते के फीते बांधने का बहाना बनाकर बैठना था। यही चेतन के लिए संकेत था कि वह मौके पर पहुंचकर अनजान केतन को चट्टान से धक्का दे देगा। उन्होंने योजना को बखूबी अंजाम भी दिया। अधिकारी के मुताबिक, दोनों ने योजना के अनुसार वारदात को अंजाम दिया। जांच अधिकारियों ने बताया कि बैठने का संकेत इसलिए चुना गया था ताकि धक्का दिए जाने के दौरान सिया, केतन की पहुंच से दूर रहे। उन्हें आशंका थी कि यदि धक्का लगने के बाद केतन गिरते समय सिया को पकड़ने की कोशिश करता, तो वह भी खाई में गिर सकती थी। इसलिए पूरी योजना उसकी सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनाई गई थी।
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कार छोड़ चेतन स्कूटर से गया था लोहागढ़ किला
सह-आरोपी चौधरी ने भी 18 जून को गोयल और अग्रवाल का पीछा करते समय अपनी मौजूदगी छिपाने का पूरा ध्यान रखा था। पुलिस ने बताया कि उसने जानबूझकर पुणे से लोहागढ़ किले तक (लगभग 90 किमी की दूरी) कार के बजाय स्कूटर से यात्रा की। जांच अधिकारियों का कहना है कि उसने टोल प्लाजा पर कार की पहचान होने की आशंका के चलते स्कूटर चुना था। पुलिस ने वह स्कूटर भी जब्त कर लिया है। वारदात के बाद भी चेतन उसी स्कूटर से पुणे लौट गया था।

चेतन ने इसलिए बदला हुलिया
जांच में यह भी सामने आया है कि किले पर पहुंचने के बाद चेतन ने अपना हुलिया बदला। पुलिस के अनुसार, वह किले पर चढ़ते समय हुडी पहनकर गया था। बाद में उसने हुडी उतार दी और काले रंग की टी-शर्ट में रहा। लौटते समय उसने फिर से हुडी पहन ली। जांचकर्ताओं का मानना है कि उसने ध्यान आकर्षित होने से बचने के लिए ऐसा किया।

 पुलिस ने रिक्रिएट किया क्राइम सीन
डीएसपी गजानन टोम्पे ने बताया कि केतन की मंगेतर सिया के बयान के आधार पर पूरे घटनाक्रम का रिक्रिएशन किया गया। इसके बाद उसे आगे की पूछताछ के लिए लोनावला पुलिस थाने ले जाया गया। जांच के दौरान लोनावला ग्रामीण पुलिस ने आरोपी चेतन की दोपहिया वाहन भी जब्त कर ली। पुलिस ने कहा कि इसी बाइक से वह पुणे से लोहागढ़ किले तक पहुंचा था। इसके अलावा घटना वाले दिन पहनी गई उसकी हुडी और हेडफोन भी बरामद किए गए हैं। पुलिस ने बताया कि जब्त बाइक और कपड़ों की फोरेंसिक जांच कराई गई है।

सिया के माता-पिता से भी पूछताछ
इससे पहले मुख्य आरोपी सिया के माता-पिता प्रवीण और पूजा से भी लोनावला पुलिस ने पूछताछ की थी। पुलिस के अनुसार, 18 जून को लोहागढ़ किले से गिरने के बाद 26 वर्षीय केतन की मौत हुई थी। जांच में सामने आया है कि उसकी मंगेतर सिया इस समय शादी नहीं करना चाहती थी और उस पर परिवार की ओर से विवाह का दबाव था।
 
सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन
पुलिस ने 23 जून को सिया और उसके मित्र चेतन को गिरफ्तार किया गया था। अदालत ने दोनों को 29 जून तक पुलिस हिरासत में भेजा है। इस मामले की सुनवाई के लिए उज्जल निकम को विशेष लोक अभियोजक नियुक्त किया गया है और महाराष्ट्र सरकार ने फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन को भी मंजूरी दे दी है।
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