केरल में होने वाले स्थानीय निकाय चुनावों को देखते हुए चुनाव आयोग ने एक बड़ा कदम उठाया है। आयोग ने राज्य में चल रही एसआईआर यानी स्पेशल इंटेंसिव रिविजन की समयसीमा एक हफ्ते बढ़ा दी है। यह फैसला केरल सरकार के अनुरोध पर लिया गया, ताकि चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची का काम सुचारू रूप से चल सके।
स्थानीय निकाय चुनाव 9 और 11 दिसंबर को दो चरणों में होने वाले हैं। इस बीच मतदाता सूची से जुड़ी कई प्रक्रियाएं चल रही थीं, जिन्हें पूरा करने में प्रशासन को समय कम पड़ रहा था। सुप्रीम कोर्ट की अनुमति के बाद केरल सरकार ने समय बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा था, जिसे आयोग ने मंजूर कर लिया।
नया शेड्यूल क्या है?
चुनाव आयोग के आदेश के मुताबिक अब ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 16 दिसंबर की जगह 23 दिसंबर को जारी होगी। इससे लोगों को अपने नाम और विवरण जांचने का थोड़ा और समय मिल जाएगा। यह बदलाव पूरी चुनावी तैयारी को व्यवस्थित करने के लिए किया गया है। नए कार्यक्रम के अनुसार अंतिम मतदाता सूची 14 फरवरी 2026 की जगह अब 21 फरवरी 2026 को प्रकाशित की जाएगी। आयोग का कहना है कि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से हो, इसी वजह से समय बढ़ाया गया है।
एसआईआर प्रक्रिया क्यों जरूरी?
एसआईआर प्रक्रिया में नए वोटरों का पंजीकरण, गलतियों का सुधार और पुराने रिकॉर्ड को अपडेट किया जाता है। स्थानीय चुनावों के बिल्कुल पास यह काम करना मुश्किल हो रहा था, इसलिए अतिरिक्त समय देकर प्रशासन को राहत दी गई है। अब अधिकारी पहले चुनाव करवाएंगे और फिर मतदाता सूची का काम पूरा करेंगे।
चुनाव आयोग ने केरल के नागरिकों से अपील की है कि वे वोटर लिस्ट में अपना नाम जरूर जांचें और कोई गलती मिलने पर तुरंत सुधार के लिए आवेदन दें। आयोग ने आश्वासन दिया कि विस्तारित समयसीमा से किसी भी मतदाता का नुकसान नहीं होगा और पूरी प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी।
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