केरल के कोल्लम में अपने दौरे के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी बुधवार को मछुआरों के साथ समुद्र में उतर गए और उनके जीवन को नजदीक से जानने-समझने की कोशिश की। इस दौरान जब समुद्र के अंदर मछुआरों ने जाल डाला तभी गांधी भी समुद्र में उतरकर उनके साथ मछली पकड़ने लगे।
इतना ही नहीं राहुल गांधी ने मछुआरों के साथ समुद्र में डुबकी भी लगाई और लगभग 10 मिनट तक समुद्री लहरों के बीच तैरते रहे। उस वक्त नौका पर राहुल के एक निजी सुरक्षा अधिकारी भी थे। उनके साथ मौजूद कांग्रेस के एक पदाधिकारी ने बताया कि मछुआरों से यह जानने के बाद कि उनके साथी पानी के अंदर जाल को फैला रहे हैं, राहुल भी यह देखने के लिए समुद्र में उतर गए।
पदाधिकारी ने कहा, ‘वह हमें बताए बगैर ही पानी में उतर गए। हम सभी चकित हो गए। हालांकि, इस दौरान वह काफी सहज दिखे। वह करीब 10 मिनट तक पानी में रहे। वह एक अच्छे तैराक हैं। एक सूत्र ने बताया कि राहुल नीली टी-शर्ट और खाकी पतलून पहने ही समुद्र में कूद गए। थंगासेरी तट पर लौटने के बाद राहुल ने अपने गीले कपड़े बदले।
नौका पर 23 मछुआरे थे। राहुल के साथ अखिल भारतीय कांग्रेस समिति महासचिव के सी वेणुगोपाल और टी एन प्रतापन सहित पार्टी के चार नेता थे। इस दौरान मछुआरों ने राहुल को ब्रेड और मछली करी खिलाई, जो उन्होंने नौका पर पकाई थी। सूत्रों ने बताया कि राहुल करीब ढाई घंटे समुद्र तट में रहे।
उन्होंने मछुआरों द्वारा पकाई गई करी का लुत्फ उठाया। उन्होंने अपनी यात्रा के दौरान मछुआरा समुदाय की समस्याओं को भी सुना। नौका के मालिक बीजू लॉरेंस ने कहा कि कांग्रेस नेता ने उनसे उनके परिवार और आमदनी के स्रोत के बारे में पूछा।
यहां थांगस्सेरी तट पर एकत्र हजारों मछुआरों के साथ बातचीत के बाद कांग्रेस नेता ने कहा कि उनके मन में मछुआरों के काम के प्रति आदर और सम्मान है। वह केंद्र सरकार में मत्स्य संबंधी अलग मंत्रालय बनाने के लिए संघर्ष करेंगे, ताकि मछुआरा समुदाय को उनकी परेशानियों से मुक्ति मिले व उनके हितों की रक्षा हो।