केरल के पूर्व मंत्री व राज्य में सत्तारूढ़ एलडीएफ गठबंधन के विधायक केटी जलील के खिफाल पुलिस ने मामला दर्ज किया है। पठानमथिट्टा में उनके खिलाफ राष्ट्रीय एकता के खिलाफ दावे को लेकर मामला दर्ज हुआ है। दरअसल, केटी जलील ने अपनी एफबी पोस्ट में आजाद कश्मीर का उल्लेख करते हुए टिप्पणी की थी।
सोशल मीडिया पर उनके द्वारा की गई टिप्पणी के बाद एक स्थानीय आरएसएस नेता ने शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद तिरुवल्ला मजिस्ट्रेट कोर्ट ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था।
इस बीच विधायक केटी जलील ने राज्य विधानसभा में कश्मीर पर अपने फेसबुक बुक पोस्ट पर कहा कि कई विद्वान और राजनेता हैं, जिन्होंने आजाद कश्मीर का इस्तेमाल किया है। कुछ लोग मुझे निशाना बनाने की कोशिश कर रहे हैं। कई कांग्रेस नेताओं और भाजपा नेताओं ने आजाद कश्मीर का इस्तेमाल करने के लिए मेरी कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि मैं अपने बयान के कारण सांप्रदायिक मुद्दा नहीं चाहता। मेरे दादाजी एक स्वतंत्रता सेनानी हैं। वह 6 साल जेल में बिता चुके हैं। मैं नहीं चाहता कि कोई मुझे देशभक्ति सिखाए।
मलयालम में की थी पोस्ट
जलील सीपीआई (एम) के नेतृत्व वाली पिछली एलडीएफ सरकार में मंत्री थे। अपनी कश्मीर यात्रा का जिक्र करते हुए जलील ने मलयालम में लिखी गई पोस्ट में जलील ने कहा, 'पाकिस्तान से जुड़े कश्मीर के हिस्से को 'आजाद कश्मीर' के रूप में जाना जाता था और यह एक ऐसा क्षेत्र था जहां पाकिस्तान सरकार का सीधा नियंत्रण नहीं है।' न्होंने आगे लिखा कि आजाद कश्मीर में पाकिस्तान सरकार का सीधा प्रभाव नहीं था। केवल मुद्रा और सैन्य सहायता पाकिस्तान के नियंत्रण में थी। आजाद कश्मीर की अपनी सेना थी। पाकिस्तान के राष्ट्रपति जिया उल हक के वक्त सेना मुख्य होगी। पाक सरकार का पीओके में कोई प्रशासकीय दखल नहीं था।