केरल के पठानमथिट्टा जिले में मां की ममता शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक मां अपने नवजात बच्चे को बाथरूम में छोड़कर अस्पताल पहुंच गई। जिसके बाद जानकारी मिलते ही पुलिस ने घर पहुंचकर नवजात को बचाया। पुलिस ने मां के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। घटना पठानमथिट्टा जिले के अरनमुला पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कोट्टा गांव की है।
यह है पूरा मामला
पुलिस के अनुसार, पठानमथिट्टा जिले के कोट्टा गांव में घर पर ही महिला की डिलीवरी हो गई थी। इसके बाद 34 वर्षीय महिला ने अपने नवजात बेटे को बाथरूम में बाल्टी में डाल दिया और खुद का इलाज कराने चेंगन्नूर के नर्सिंग होम आ गई। नर्सिंग होम के डॉक्टरों ने जब मरीज से पूछताछ की तो महिला ने अस्पताल प्रशासन को बताया कि वह अपने बेटे को बाथरूम में बाल्टी में रखकर आई है। इसके बाद अस्पताल ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस महिला के घर पहुंची जहां महिला के नौ साल के बेटे ने पुलिस को बताया कि नवजात घर के बाथरूम में बाल्टी में रखा हुआ है। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए नवजात को बाल्टी से निकाला और नर्सिंग होम में शिफ्ट कर दिया। नर्सिंग होम में प्रारंभिक उपचार प्रदान करने के बाद बच्चे को कोट्टायम के सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया।
मां के खिलाफ केस दर्ज
पुलिस का कहना है कि मां के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने महिला पर आईपीसी की धारा 317 (माता-पिता या उसकी देखभाल करने वाले व्यक्ति द्वारा बारह साल से कम उम्र के बच्चे को छोड़ देना) और किशोर न्याय अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। टीवी चैनलों पर प्रसारित दृश्यों में चेंगन्नूर पुलिस स्टेशन के पुलिसकर्मी को बाल्टी ले जाते हुए, बच्चे को जीप में अस्पताल ले जाने के लिए दूर-दराज के इलाके में स्थित घर से सड़क पर भागते हुए दिखाया गया है। राज्य की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने बच्चे की देखभाल करने वाली पुलिस और मेडिकल टीम को बधाई देते हुए कहा कि नवजात की जान बचाने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं।
सरकार ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल की गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में वर्तमान में इलाज करा रहे बच्चे को बेहतर देखभाल प्रदान करने के लिए एक देखभालकर्ता भी नियुक्त किया है। जॉर्ज ने उम्मीद जताई कि बच्चा जल्द ठीक हो जाएगा।