केरल में नन से बलात्कार करने के आरोपी जालंधर के बिशप फ्रैंको मुलक्कल (54) अपराध शाखा (सीआईडी) के समक्ष पेश होने के लिए कोच्चि पहुंच चुके हैं। यहां डीएसपी के. सुभाष के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम उनसे पूछताछ करेगी। माना जा रहा है कि पूछताछ में अगर बिशप फ्रैंको के बयानों में कुछ भी संदिग्ध लगता है तो पुलिस उन्हें तत्काल गिरफ्तार कर सकती है।
हालांकि यह थोड़ा मुश्किल है, क्योंकि बिशप फ्रैंको ने केरल हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है, जिसपर 25 सितंबर को सुनवाई होनी है। उसके बाद ही पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर सकती है। लेकिन उससे पहले भी बिशप की गिरफ्तारी संभव है, अगर राज्य के डीजीपी और आईजी की ओर से इस बारे में हरी झंडी मिल जाती है।
बता दें कि नन ने आरोप लगाया है कि वरिष्ठ कैथोलिक बिशप ने वर्ष 2014 से 2016 के बीच उनका कई बार यौन उत्पीड़न किया। हालांकि बिशप ने खुद को निर्दोष होने का दावा किया है और कहा है कि नन की शिकायत कुछ और नहीं बल्कि काल्पनिक कहानी है।
बिशप ने दावा किया कि आरोप लगाने वाली नन के खिलाफ उन्हें कई शिकायतें मिली थीं, जिन पर उन्होंने कार्रवाई की थी। इसी का बदला लेने के लिए उनके खिलाफ आरोप लगाए गए और इसके लिए उक्त कहानी गढ़ी गई। आरोप लगाने वाली नन जालंधर डायोसिस के तहत आने वाले धर्म संघ में सेवारत हैं।