याचिका में दावा किया गया था कि इसे वामपंथी छात्र संगठन SFI और माकपा की युवा शाखा DYFI से धमकियां मिली हैं और आगे हिंसा की भी आशंका है। इन्हीं मुद्दे को लेकर चैनल ने सुरक्षा की गुहार लगाई थी। अपनी याचिका में, चैनल ने आरोप लगाया कि तीन मार्च को करीब 30 एसएफआई कार्यकर्ता उसके कोच्चि कार्यालय में जबरन घुसे और वहां के कर्मचारियों को धमकी दी।
उच्च न्यायालय ने सुरक्षा प्रदान करने के दिए निर्देश
याचिका का निस्तारण करते हुए, उच्च न्यायालय ने निर्देश दिया कि चैनल के तिरुवनंतपुरम, कोच्चि, कोझिकोड और कन्नूर कार्यालयों को सुरक्षा प्रदान की जाए। आदेश में हिंसा की संभावना की स्थिति में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किए जाने की बात भी न्यायालय ने कही है।
जबरन प्रवेश के सिलसिले में आठ गिरफ्तार: मुख्यमंत्री
इससे पहले, केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने एक बयान में कहा था कि चैनल की शिकायत पर एक मामला दर्ज किया गया था और उसके कोच्चि कार्यालय में जबरन प्रवेश के सिलसिले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया था। उधर DYFI ने घोषणा की है कि वह समाचार चैनल के खिलाफ पूरे केरल में विरोध प्रदर्शन शुरू करेगा।