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Kerala: कर्ज चुकाने के लिए नहीं थे पैसे, घर बेचने की तैयारी में था शख्स, दो घंटे पहले लग गई एक करोड़ की लॉटरी

Wed, 27 Jul 2022 10:11 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम

सार

बावा ने संवाददाताओं को बताया, मैंने लॉटरी जीती। इसलिए अब इस घर को बेचने की कोई जरूरत नहीं है। जब हमें पुरस्कार मिलेगा तो सभी मुद्दों को सुलझा लिया जाएगा।
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एक करोड़ रुपये लॉटरी जीतने वाले मोहम्मद बावा - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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भारी कर्ज के बोझ तले 50 वर्षीय मोहम्मद बावा अपना नव-निर्मित घर को बेचने ही जा रहे थे कि कुछ घंटे पहले उनकी किस्मत बदल गई। दरअसल दो घंटे पहले ही उनकी 1 करोड़ की लॉटरी लग गई। अब उन्होंने अपने घर नहीं बेचने का फैसला लिया है। 
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उत्तरी केरल के मंजेश्वर के मूल निवासी मोहम्मद बावा ने अपने रिश्तेदारों और बैंक से पचास लाख रुपये का कर्ज लिया था। उसे चुकाने के लिए उसे पैसों की सख्त आवश्यकता थी। उन्होंने ये बड़ी अपनी दो बेटियों की शादी और अचल संपत्ति के कारोबार में हुए नुकसान को समायोजित करने के लिए उधार ली थी। 
  
बावा इस कर्ज को चुकाने के लिए परेशान थे। लेकिन एक करोड़ की लॉटरी ने उनकी जिंदगी ही बदलकर रख दी है। अब उन्होंने अपना घर नहीं बेचने का फैसला लिया है।  
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बावा ने संवाददाताओं को बताया, मैंने लॉटरी जीती। इसलिए अब इस घर को बेचने की कोई जरूरत नहीं है। जब हमें पुरस्कार मिलेगा तो सभी मुद्दों को सुलझा लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बिजनेस में हुए नुकसान के कारण वह चिंता में थे। लेकिन सर्वशक्तिमान ने आखिरकार मुझे एक रास्ता दिखाया है। 
 
कर्ज के जाल से निकलने की उम्मीद में पचास पचास वर्षीय व्यक्ति ने रविवार दोपहर एक विक्रेता से केरल सरकार की फिफ्टी-फिफ्टी लॉटरी के टिकट खरीदे थे। 

पांच बच्चों के पिता ने कहा, रविवार की दोपहर साढ़े तीन बजे तक लॉटरी का परिणाम घोषित किया गया। सौभाग्य से यह पुरस्कार मुझे मिला। इससे पहले दिन खरीददारों ने हमें सूचित किया था कि वे अगले दिन शाम साढ़े पांच बजे तक मेरे घर के लिए एडवांस में देने आएंगे।  

बावा ने बताया, लेकिन जब वे आए तो यह घर उन लोगों से भरा हुआ था जिन्हें जैकपॉट के बारे में पता चला। खरीददारों ने भी कहा कि वे भी इस भाग्यशाली जीत से बहुत खुश हैं। बावा ने बताया कि वह लॉटरी टिकटों के नियमित खरीददार नहीं थे। 

उन्होंने कहा, मैं उस लॉटरी एजेंट को व्यक्तिगत रूप से जानता हूं, इसलिए जब वह मेरे घर से गुजरता ता तो वह मुझे कुछ टिकट देता था। मैंने यह विशेष टिकट बहुत तनाव में खरीदा था क्योंकि मुझे नहीं पता था कि मुझे क्या करना है। 
 
उन्होंने कहा कि कर्ज चुकाने के बाद वह बाकी की रकम गरीबों और जरूरतमंदों के लिए खर्च करना चाहते हैं। टैक्स में कटौती के बाद बावा को करीब 63 लाख रुपये मिलेंगे।  
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