केरल के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई जा रही 10वीं की बायोलॉजी की किताब के अनुसार विवाह पूर्व और विवाहेतर शारीरिक संबंध बनाने से एचआईवी फैलता है। इस पाठ्य पुस्तक के अध्याय चार के शीर्षक ‘रोगों को दूर रखना’ में बताया गया है कि एचआईवी ‘विवाह पूर्व और विवाहेतर यौन संपर्क’ के माध्यम से फैल सकता है। चौंका देने वाला तथ्य यह है कि राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) द्वारा प्रकाशित इस पाठ्य पुस्तक का प्रयोग शैक्षणिक सत्र 2015-16 से राज्य के स्कूलों में किया जा रहा है।
किसी भी शिक्षक या स्कूल अधिकारियों ने तब तक इस गलती की ओर इशारा नहीं किया, जब तक कि कुछ लोगों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इसका स्नेपशॉर्ट अपलोड नहीं कर दिया। सोशल मीडिया पर तस्वीर वायरल होने के बाद, कई डॉक्टरों और विशेषज्ञों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है। इस मुद्दे पर बात करने पर एससीईआरटी के निदेशक जे प्रसाद ने कहा कि ‘यह गलती हमारे संज्ञान में आ गई है और हमने इसे सुधार लिया है और नए शैक्षणिक सत्र 2019-20 में इस हिस्से को पाठ्य पुस्तक से हटा दिया है।’