क्या है मामला
पुलिस ने जिस फोन की चोरी का आरोप लगाया, वह पुलिस की ही जीप में मिला, थुम्बा के विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र ले जाए जा रहे विमान का मूवमेंट देखने जयचंद्रन व उनकी बेटी आए थे।
यहां केरल की पिंक पुलिस की अधिकारी रजिता ट्रैफिक नियंत्रित कर रही थी। उसे अपना फोन नहीं मिला तो उसने जयचंद्रन व उसकी बेटी पर चोरी का शक जताया और उन्हें जीप में बैठाकर साथ ले गईं थीं।
केरल हाईकोर्ट ने नाबालिग लड़की और उसके पिता को अपमानित किए जाने के मामले में मुआवजे को लेकर राज्य सरकार के रुख को गुगली करार दिया था। राज्य सरकार का ताजा रुख इससे पहले पिछले हफ्ते हुई सुनवाई के दौरान की गई अदालत की उस टिप्पणी के जवाब में आया था, जिसमें कहा गया था कि लड़की सार्वजनिक कानून के तहत मुआवजे की हकदार है। अदालत ने सरकार से सवाल किया था कि वह मुआवजे के लिए कितनी राशि की पेशकश करेगी।
महिला पुलिस अधिकारी ने अपने बयान में स्वीकार किया था कि उसने अपना फोन बरामद होने तक पिता और बेटी को रोका था। अदालत ने कहा कि महिला अधिकारी ने यह भी स्वीकार किया था कि भीड़ जमा होने से पहले ही लड़की रोने लगी थी। लेकिन पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) द्वारा दायर हलफनामे में कहा गया कि लड़की ने वहां मौजूद लोगों द्वारा उपहास सुनने के बाद रोना शुरू किया था। अदालत ने इसे राज्य की नई स्पिन करार दिया था।
याचिकाकर्ता ने 27 अगस्त को हुई इस अपमानजनक घटना के लिए सरकार से मुआवजे के रूप में 50 लाख रुपये की भी मांग की थी। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी कहा था कि अधिकारी के खिलाफ उचित अनुशासनात्मक जांच होनी चाहिए। पुलिस द्वारा महिला अधिकारी के आचरण का समर्थन लोगों की नजरों में उनके लिए स्थिति को बदतर बनाने जैसा है।