महिला से दुष्कर्म मामले के आरोपी पूर्व सरकारी वकील को केरल के हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है। महिला की शिकायत के मुताबिक, वकील ने किसी मामले के सिलसिले में बयान दर्ज कराने के लिए उसे अपने कार्यालय में बुलाया था और कथित तौर पर उसके साथ दुष्कर्म किया।
महिला से दुष्कर्म मामले में पूर्व सरकारी वकील को केरल हाईकोर्ट ने नियमित जमानत दे दी है। गौरतलब है कि पीजी मनु पर अपने कार्यालय और आवास पर एक महिला के साथ बार-बार दुष्कर्म का आरोप है। आरोपी वकील पी जी मनु को राहत देते हुए न्यायाधीश सोफी थॉमस ने कहा कि इस तथ्य पर गंभीरता से ध्यान दिया जाना चाहिए कि वह हाईकोर्ट में एक वरिष्ठ सरकारी वकील थे और उन्होंने एक असहाय महिला के साथ दुष्कर्म किया है। जिसने एक मामले को निपटाने के लिए उनसे संपर्क किया था, जिसमें वह पीड़िता थी।
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आरोपी वकील ने किया था मामले में आत्मसमर्पण
हाईकोर्ट ने कहा कि आरोपी को दो-दो सॉल्वेंट जमानतदारों के साथ 2 लाख रुपये का बॉन्ड भरने पर जमानत दी जाएगी। गौरतलब है कि जनवरी में सुप्रीम कोर्ट द्वारा उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज करने और पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने के लिए उसे 10 दिन का समय दिए जाने के बाद ही आरोपी वकील ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था।
महिला ने कार्यालय में दुष्कर्म का लगाया आरोप
इससे पहले, केरल हाईकोर्ट द्वारा पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने के लिए उसे दिया गया समय 12 जनवरी को समाप्त होने के बाद उसके खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया गया था। यह उच्च न्यायालय द्वारा मनु को आत्मसमर्पण करने के लिए दिया गया दूसरा विस्तार था। महिला की शिकायत के मुताबिक, वकील ने किसी मामले के सिलसिले में बयान दर्ज कराने के लिए उसे अपने कार्यालय में बुलाया था और कथित तौर पर उसके साथ दुष्कर्म किया।
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आरोप के बाद वकील ने दिया इस्तीफा
वकील के खिलाफ पिछले साल 29 नवंबर को आईपीसी की धारा 376 (बलात्कार), 354 (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाना) और 506 (धमकी देना) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम सहित विभिन्न प्रावधानों के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी। यह कार्रवाई पीड़िता की ओर से दी गई शिकायत के बाद की गई। इसके बाद वकील ने अपना इस्तीफा दे दिया था।