केरल हाईकोर्ट ने गुरुवार को त्रावणकोर देवस्वम बोर्ड (टीडीबी) को सबरीमाला जाते समय पड़ने वाले कई विश्राम स्थलों पर मिलने वाले अरवन वजीपाडु (प्रसाद) की कीमत बढ़ाने की अनुमति दे दी है। जस्टिस राजा विजय राघवन वी और के वी जयकुमार की बेंच ने कहा कि प्रसाद की मौजूदा 65 रुपये से बढ़ाकर 85 रुपये करना 'उचित और सही' होगा। यह नई कीमत अचंकॉविल, अर्यंकावु, कुलथुपुझा, एरुमेली, पंडालम वलियाकोयिकल और निलक्कल में लागू होगी।
राज्य सरकार ने कहा कि मंदिर में प्रसाद देना किसी व्यावसायिक गतिविधि जैसा नहीं माना जा सकता। भक्तों की भुगतान क्षमता और बोर्ड को होने वाले संभावित नुकसान, दोनों के बीच संतुलन बनाना आवश्यक है। आर्थिक और सांख्यिकी विभाग ने 2021 के पहले तीन महीनों और साल 2025 में अरवन बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल की कीमतों की रिपोर्ट कोर्ट को सौंपी। कोर्ट ने रिपोर्ट देखने के बाद माना कि 2021 के बाद से कच्चे माल की कीमतें काफी बढ़ी हैं।
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स्वतंत्र निगरानी अधिकारी ने सभी परिस्थितियों को देखते हुए कीमत को 65 से बढ़ाकर 80 रुपये करने की सलाह दी थी। लेकिन टीडीबी ने कहा कि इतनी कीमत पर बेचने से बोर्ड को भारी नुकसान होगा, क्योंकि कच्चे माल और अरवन स्टीमिंग मशीनों की लागत बढ़ गई है। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने कहा, हम इसे उचित मानते हैं कि अरवन प्रसाद की कीमत 65 रुपये से बढ़ाकर 85 रुपये कर दी जाए। नई कीमत उपरोक्त सभी टीडीबी के अधीन स्थलों पर लागू होगी।