केरल में भारी बारिश जारी है। राज्य के कई हिस्सों से भूस्खलन और बाढ़ की खबरें आ रही हैं। सबसे दक्षिणी जिले तिरुवनंतपुरम में हालात अधिक खराब हैं। जलभराव के कारण कई इलाके गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शनिवार से हो रही भारी बारिश के कारण तिरुवनंतपुरम जिले की सड़कों और निचले इलाकों में जलभराव हुआ है। जिले के उपनगरीय क्षेत्र कजाकूटम में टेक्नोपार्क कॉलोनी में घरों में पानी घुस गया, इसके कारण लोगों को घरों से निकाला गया।
जलमग्न हुई कारें, नावों की मदद से लोगों का रेस्क्यू
खबरों के मुताबिक तिरुवनंतपुरम जिले में सैकड़ों घरों में पानी घुसने के अलावा कुछ इलाकों में भूस्खलन की घटनाएं भी हुईं हैं। कई जगहों पर कारें लगभग जलमग्न दिखाई दे रही हैं। बचाव दल तिरुवनंतपुरम के कुछ हिस्सों में फंसे लोगों को घरों से सुरक्षित निकालने में जुटे हैं। रबर वाली नावों की मदद से लोगों को निकालकर राहत और बचाव शिविरों में ले जाया जा रहा है।
तिरुवनंतपुरम में हालात खराब
केरल के सामान्य शिक्षा मंत्री वी शिवनकुट्टी ने बाढ़ग्रस्त इलाकों का दौरा किया। उन्होंने एक फेसबुक पोस्ट में कहा कि पिछली रात से हो रही बारिश के कारण तिरुवनंतपुरम शहर में हालात खराब हैं। उन्होंने कहा कि कई जगहों पर जलभराव हो गया है। समुद्र का जलस्तर नहीं घटने के कारण स्थिति गंभीर हो गई है।
बाढ़ प्रभावित इलाकों पर मंत्रियों की नजरें
मंत्री शिवनकुट्टी ने कहा कि जिला प्रशासन राहत अभियान चला रहा है। प्रभावित लोगों को हर तरह की सहायता प्रदान की जाएगी। उनके फेसबुक पोस्ट के अनुसार, राज्य के राजस्व मंत्री के राजन ने भी कुछ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया है।
100 मिमी से अधिक बारिश
मंत्री स्तरीय बैठक के बाद शिवनकुट्टी ने बताया कि तिरुवनंतपुरम के कई हिस्से, बाढ़ और जलभराव से गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं। राजन ने कहा कि शनिवार रात से राजधानी में 100 मिमी से अधिक बारिश हुई है। अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आसपास के क्षेत्र में लगभग दोगुनी बारिश हुई है। जलभराव और बाढ़ का प्रमुख कारण लगातार हो रही बारिश है।
17 राहत शिविरों में 570 से अधिक लोग
मंत्री ने कहा कि उनके कैबिनेट सहयोगी - राज्य परिवहन मंत्री एंटनी राजू और नागरिक आपूर्ति मंत्री जी आर अनिल - भी बारिश से प्रभावित जिलों की स्थिति पर करीबी नजर रख रहे हैं। संबंधित सरकारी अधिकारियों को ड्यूटी पर रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा, जिले में 17 राहत शिविर संचालित किए गए हैं और वर्तमान में 572 लोग वहां शरण लिए हुए हैं।
2018 की बाढ़ से भी खराब हैं हालात
उन्होंने कहा, बारिश के बाद की स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन जलभराव और घटने के बाद ही हालात सामान्य होंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार केरल के बारिश प्रभावित इलाकों में रह रहे स्थानीय निवासियों ने बताया कि 2018 की बाढ़ में भी हालात इतने खराब नहीं थे। एक निवासी ने बताया, आधी रात के बाद अचानक बाढ़ आई और घरों में पानी घुसना शुरू हो गया।
घरों में पानी घुसने से और बिगड़े हालात
शनिवार को एर्नाकुलम जिले के अलग-अलग हिस्सों से सड़कों पर जलभराव और घरों में पानी घुसने की खबरें आईं। रविवार को मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने केरल के चार जिलों- तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पथानामथिट्टा और अलाप्पुझा में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। 8 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।
सोमवार को भी ऑरेंज और येलो अलर्ट
आईएमडी ने आने वाले दिनों में राज्य के कई स्थानों पर भारी बारिश की भी भविष्यवाणी की है। सोमवार के लिए राज्य के चार जिलों में ऑरेंज अलर्ट और बाकी जिलों में येलो अलर्ट जारी किया। ऑरेंज अलर्ट का मतलब है 6 सेमी से 20 सेमी तक बारिश होने की आशंका है। येलो अलर्ट का मतलब बारिश 6 से 11 सेमी के बीच हो सकती है।