केंद्र ने कोच्चि स्थित निजी खनन कंपनी कोचीन मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) और विजयन की बेटी की कंपनी एक्सलॉजिक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की एसएफआईओ जांच के आदेश दिए थे। एसएफआईओ की जांच में खनन कंपनी में 182 करोड़ रुपये की वित्तीय धोखाधड़ी सामने आई है। इस मामले में कंपनी ने केरल हाईकोर्ट का रुख किया।
केरल हाईकोर्ट ने धोखाधाड़ी और वित्तीय लेनदेन मामले में सीएम पिनराई विजयन की बेटी को बड़ी राहत दी है। हाईकोर्ट ने सत्र अदालत को आदेश दिया है कि वह गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) मामले में दो महीने तक यथास्थिति बनाए रखे। न्यायमूर्ति टी.आर. रवि ने कोचीन मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) द्वारा दायर याचिका पर अंतरिम निर्देश जारी किया। कंपनी ने उसके खिलाफ एसएफआईओ की शिकायत पर संज्ञान लेने के सत्र न्यायालय के फैसले को चुनौती दी थी।
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मामले में भारत के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजीआई) एआरएल सुंदरेशन ने हाईकोर्ट के आदेश को लेकर कहा कि अब सत्र न्यायालय द्वारा विजयन की बेटी वीना टी सहित पक्षों को कोई नोटिस या समन जारी नहीं कर सकता। कंपनी ने सत्र न्यायालय द्वारा लिए गए संज्ञान पर रोक लगाने की मांग की थी, लेकिन उच्च न्यायालय ने इसे मंजूरी नहीं दी।
एसएफआईओ ने दाखिल की है चार्जशीट
केंद्र ने कोच्चि स्थित निजी खनन कंपनी कोचीन मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) और विजयन की बेटी की कंपनी एक्सलॉजिक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की एसएफआईओ जांच के आदेश दिए थे। एसएफआईओ ने इस महीने की शुरुआत में अवैध भुगतान घोटाले के सिलसिले में सीएमआरएल, वीना और उनकी बंद हो चुकी आईटी कंपनी एक्सालॉजिक सहित कई अन्य के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया था।
182 करोड़ की धोखाधड़ी सामने आई
रिपोर्ट के अनुसार एसएफआईओ की जांच में खनन कंपनी में 182 करोड़ रुपये की वित्तीय धोखाधड़ी सामने आई है। इसमें कई अन्य लोग भी आरोपी हैं। इसमें कहा गया है कि यह धोखाधड़ी गैर-मौजूद खर्चों को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाकर, फर्जी बिल बनाकर की गई। जांच में पाया गया कि वीना ने बिना कोई सेवा प्रदान किए निजी खनन कंपनी से 2.7 करोड़ रुपये प्राप्त किए थे। हालांकि विजयन ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस आरोप का खंडन किया था।