केरल के पूर्व वित्त मंत्री टी एम थॉमस आईजैक को मसाला बांड मामले में केरल उच्च न्यायालय से राहत मिली है। इस मामले में अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय को चुनाव अवधि के दौरान आईजैक को तलब न करने का निर्देश दिया है। आईजैक लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं और उन्होंने इस मामले में ईडी की कार्रवाई के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
कुछ मामलों का निपटारा करने की जरूरत- हाईकोर्ट
प्रवर्तन निदेशालय द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों की जांच करते हुए कोर्ट ने कहा कि आईजैक को कुछ विषयों का निपटारा करने की जरूरत पड़ेगी। अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय द्वारा मामले की जांच के संबंध में आईजैक और केरल इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट फंड बोर्ड (केआईआईएफबी) द्वारा दायर याचिकाओं पर 22 मई को सुनवाई तय की है।
ईडी ने जारी किया था समन
इससे पहले 22 अप्रैल को आईजैक ने ईडी के समन को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाया था लेकिन कोर्ट ने याचिका को टाल दिया था। जैसे ही पूर्व वित्त मंत्री को नया समन मिला तो उन्होंने कोर्ट में याचिका दायर की। प्रवर्तन निदेशालय ने वित्त मंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान केआईआईएफबी के वित्तीय लेनदेन में कथित उल्लंघन की जांच से जुड़े फेमा (विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम) मामले में पूछताछ के लिए समन जारी किया था।
सुनवाई के दौरान लगाए ये आरोप
टी एम थॉमस आईजैक और केआईआईएफबी के एक अधिकारी की याचिका पर सुनवाई के दौरान आरोप लगाया गया कि ईडी द्वारा समन के माध्यम से केवल व्यक्तिगत जानकारी मांगी गई थी और इसे रद्द करने की मांग की गई थी। केरल के पूर्व मंत्री को ताजा समन विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत जारी किया गया था।
बता दें केआईआईएफबी (KIIFB) बड़ी और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए राज्य सरकार की प्राथमिक एजेंसी है। इसने दक्षिण में बड़ी और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को वित्तपोषित करने के लिए 50,000 करोड़ रुपये जुटाने की अपनी योजना के तहत अपने पहले मसाला बांड के माध्यम से 2019 में 2,150 करोड़ रुपये जुटाए थे।