मरीजों की निजी जानकारी को अमेरिकी फर्म स्प्रिंकलर से साझा करने का आरोप झेल रही केरल सरकार के लिए शुक्रवार को एक राहत भरी खबर आई। केरल हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश जारी कर राज्य सरकार को कड़ी शर्तों के साथ अमेरिकी फर्म स्प्रिंकलर से आगे भी डील जारी रखने की अनुमति दे दी है।
कोर्ट ने आदेश जारी करते हुए कहा कि किसी मरीज के बिना अनुमति के कोई भी निजी जानकारी साझा न हो साथ ही साथ कोर्ट ने कहा कि डाटा की विश्वसनीयता बनी रहे । कोर्ट ने आगे कहा कि इस डील को रद्द नहीं किया जा सकता है क्योंकि यह राज्य में कोरोनावायरस निवारक उपायों को प्रभावित करेगा।
बता दें कि इस मामले को लेकर केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता रमेश चेन्नीतला ने बुधवार को केरल उच्च न्यायालय का रुख किया था और राज्य सरकार तथा अमेरिकी कंपनी की बीच कोविड-19 के मरीजों की जानकारी साझा करने को लेकर हुए समझौते को रद्द करने की मांग की थी।
जनहित याचिका में चेन्नीतला ने आरोप लगाया कि केरल सरकार ने न्यूयॉर्क की स्प्रिंकलर कंपनी को कोरोना वायरस के संदिग्ध और इससे संक्रमित हुए लोगों की संवेदनशील निजी जानकारी दी है जो संविधान में दिए गए निजता के मौलिक अधिकार का हनन है।
कांग्रेस ने अदालत से उन मरीजों के लिए मुआवजा भी मांगा जिनकी जानकारी विदेशी कंपनी को दी गई है। चेन्नीतला ने कहा कि राज्य के मुख्य सचिव, आईटी सचिव और मुख्यमंत्री को मुआवजे का भुगतान करने के लिए संयुक्त रूप से उत्तरदायी होना चाहिए।
राज्य सरकार ने यह जांच करने के लिए दो सदस्यीय समिति का गठन किया है कि क्या कोविड-19 रोगियों की व्यक्तिगत और संवेदनशील जानकारी अमेरिका स्थित आईटी कंपनी स्प्रिंकलर के उसके समझौते के तहत सुरक्षित है ?