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देश के पहले ट्रांसजेंडर पायलट का विमान उड़ाने का सपना होगा पूरा, घर वालों ने कर दिया था बेदखल

Fri, 11 Oct 2019 05:04 PM IST
आसिम खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवंतपुरम
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देश के पहले ट्रांसजेंडर पायलट एडम हैरी - फोटो : Instagram
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देश के पहले ट्रांसजेंडर प्राइवेट पायलट एडम हैरी का विमान उड़ाने का सपना पूरा होने वाला है। केरल सरकार ने हैरी को कमर्शियल लाइसेंस की पढ़ाई के लिए 23 लाख रुपये की सहायता राशि देने का फैसला किया है। एडम हैरी 20 साल के हैं। हैरी की गलती सिर्फ इतनी है कि वो ट्रांसजेंडर हैं, इसीलिए घर वालों ने उन्हें बेदखल कर दिया। 

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एडम हैरी के पास प्राइवेट पायलट लाइसेंस है। यात्री विमान उड़ाने के लिए उन्हें कमर्शियल लाइसेंस की जरूरत है। परिवार द्वारा घर से बेदखल कर देने के बाद हैरी के पास फीस देने के लिए रुपये नहीं हैं। उनकी तीन साल की ट्रेनिंग में 23.34 लाख रुपये का खर्चा आएगा। 

केरल सरकार ने एलान किया है कि वह हैरी की ट्रेनिंग रुकने नहीं देगी। सरकार ट्रेनिंग का पूरा खर्चा उठाएगी। हैरी अब तिरुवंतपुरम के राजीव गांधी एविएशन टेक्नोलोजी अकादमी में पढ़ाई करेंगे। हैरी को बचपन से अपने लिंग के बारे में भ्रम था लेकिन पायलट बनने के सपने को लेकर उन्हें कभी कोई भ्रम नहीं था।
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एडम हैरी को रूढ़िवादी माता-पिता द्वारा पीटा गया, अपने घर की चार दीवारों तक ही सीमित कर दिया गया। इस पीड़ा से बचने के लिए हैरी को घर से भागना पड़ा। लेकिन, अपने सपने का पीछा करने के दृढ़ संकल्प ने इस केरलवासी, एडम हैरी को अपने लिंग को लेकर यातना और उत्पीड़न से लड़ने और दो साल पहले निजी पायलट का लाइसेंस प्राप्त करने वाला देश का पहला ट्रांसजेंडर पायलट बनने में मदद की।

एडम हैरी ने राज्य के सामाजिक न्याय विभाग और उसके सचिव बीजू प्रभाकर को उनके संघर्षों को समझने और उनके सपने को साकार करने में मदद करने के लिए आभार व्यक्त किया है। हैरी ने कहा कि मेरी मदद करने के लिए मैं सरकार का आभारी हूं। अगर सरकार मदद न करती तो मेरा सपना कभी सच नहीं हो पाता। 

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