केरल में सियासी हत्या का एक और मामला तूल पकड़ता जा रहा है। अलाप्पुझा में एसडीपीआई नेता केएस शान की हत्या के मामले में पुलिस ने सात और लोगों को गिरफ्तार किया है। अब तक इस मामले में 10 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। वहीं, इसे लेकर केंद्रीय मंत्री वी मुरलीधरन ने केरल सरकार और पुलिस को आड़े हाथों लिया है।
आरएसएस को किया जा रहा बदनाम
विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने पुलिस प्रमुख के नए निर्देशों पर कहा कि केरल सरकार आरएसएस को बदनाम करने के लिए अलाप्पुझा जुड़वां हत्याकांड का इस्तेमाल कर रही है। वे (राज्य पुलिस प्रमुख) आपराधिक पृष्ठभूमि वाले आरएसएस और एसडीपीआई सदस्यों की सूची तैयार करेंगे। लेकिन दोनों को एक ही तराजू पर नहीं तौला जा सकता। एसडीपीआई एक आतंकवादी संगठन है।
उन्होंने कहा, व्यक्ति किस पार्टी से संबंधित यह देखे बिना आपराधिक सूची निष्पक्ष होनी चाहिए। केरल में वैसे भी सबसे ज्यादा अपराधी सीपीआईएम के होंगे। इस सरकार के सत्ता में आने पर हजारों सीपीआईएम कार्यकर्ताओं के मामले वापस ले लिए गए।
मुरलीधरन ने कहा कि अलाप्पुझा में रंजीत श्रीनिवासन (ओबीसी मोर्चा राज्य सचिव) की हत्या के लिए गृह विभाग की लापरवाही जिम्मेदार है, शायद सीपीआईएम और एसडीपीआई के बीच दोस्ती के कारण। यह पूरी तरह से राज्य सरकार की गलती है।