केरल के संस्कृति मंत्री साजी चेरियन न्यायमूर्ति के. हेमा समीति की रिपोर्ट को लेकर जारी विवाद के बीच सफाई दी और कहा कि केरल सरकार ने न्यायमूर्ति के. हेमा समिति की रिपोर्ट को जारी होने से नहीं रोका है। इस मामले में मंत्री चेरियन ने आगे कहा कि राज्य सूचना आयोग और केरल उच्च न्यायालय ने राज्य लोक सूचना अधिकारी (एसपीआईओ) को रिपोर्ट के कुछ हिस्सों को संशोधित करने के बाद रिपोर्ट जारी करने का निर्देश दिया।
निर्धारित समय के भीतर जारी होगा रिपोर्ट- चेरियन
मंत्री साजी चेरियन ने शनिवार को रिपोर्ट जारी न किए जाने के बारे में पूछे गए प्रश्नों के उत्तर में कहा कि, एसपीआईओ को रिपोर्ट जारी करने के लिए अधिकृत किया गया है। अधिकारी निर्धारित समय के भीतर ऐसा करेंगे। क्या समय बीत चुका है? यदि यह दिए गए समय के भीतर नहीं किया जाता है, तो उच्च न्यायालय में इस पर सवाल उठाया जा सकता है।
'इसमें सरकार, विभाग और फिल्म उद्योग की कोई भूमिका नहीं'
वहीं मंत्री ने इस दौरान स्पष्ट किया कि समिति के निष्कर्षों को जारी करने के संबंध में न तो राज्य सरकार, न ही इसके संस्कृति विभाग और न ही फिल्म उद्योग की कोई भूमिका है। उन्होंने कहा, सरकार निष्कर्षों को जारी करने के खिलाफ नहीं है। मंत्री साजी चेरियन की यह प्रतिक्रिया उन खबरों के मद्देनजर आई है, जिनमें कहा गया है कि समिति के निष्कर्षों को जारी करने में फिर से देरी हुई है, क्योंकि सरकार इसके प्रकाशन के खिलाफ एक अभिनेत्री की याचिका के नतीजे का इंतजार कर रही है।
अभिनेत्री रंजिनी ने किया था हाईकोर्ट का रुख
अभिनेत्री रंजिनी ने कथित तौर पर रिपोर्ट की सामग्री के बारे में चिंता जताते हुए उच्च न्यायालय का रुख किया है। इससे पहले, 24 जुलाई को जारी होने वाली रिपोर्ट के प्रकाशन पर केरल उच्च न्यायालय ने एक मलयालम फिल्म निर्माता की याचिका पर रोक लगा दी थी। इसके बाद, उच्च न्यायालय ने 13 अगस्त को याचिका खारिज कर दी और सरकार को एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट सार्वजनिक करने का निर्देश दिया।
सोमवार को हाईकोर्ट में सुनवाई होने की उम्मीद
इससे पहले दिन में केरल महिला आयोग की अध्यक्ष पी. सतीदेवी ने कहा कि सरकार ने अभिनेत्री की याचिका के मद्देनजर रिपोर्ट जारी करने से पहले शायद इंतजार करने का फैसला किया है, जिस पर सोमवार को हाईकोर्ट में सुनवाई होने की उम्मीद है। तमिल, तेलुगु और मलयालम फिल्मों में काम कर चुकी अभिनेत्री-पीड़ित को कथित तौर पर कुछ आरोपियों ने 17 फरवरी, 2017 की रात को जबरन कार में घुसकर अगवा कर लिया और दो घंटे तक उसकी कार में उसके साथ छेड़छाड़ की। अभिनेत्री को ब्लैकमेल करने के लिए कुछ आरोपियों ने पूरी घटना का वीडियो भी बनाया। इस मामले में 10 आरोपी हैं। मामले के आठवें आरोपी दिलीप को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। अदालत से जमानत मिलने के बाद उसे रिहा कर दिया गया। फिलहाल ये मामला लंबित है।