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Kerala: सरकार ने पुलिस थाने पर हमले को अस्वीकार्य बताया, चर्च ने न्यायिक जांच की मांग की; 3000 लोगों पर केस

Mon, 28 Nov 2022 06:24 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम

सार

सत्तारूढ़ माकपा ने कहा, तटीय क्षेत्र में हिंसा की हालिया घटनाएं निंदनीय हैं। पार्टी ने दावा किया कि निहित स्वार्थों के साथ कुछ 'रहस्यमयी ताकतें' वहां दंगा जैसी स्थिति पैदा करने की कोशिश कर रही हैं।
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केरल में थाने पर हमला - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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विझिंजम इलाके में रविवार की रात अदाणी पोर्ट प्रोजेक्ट के निर्माण के विरोध के दौरान एक पुलिस स्टेशन पर भीड़ ने हमला किया। राज्य की वामपंथी सरकार ने इस हमले को अस्वाकार्य करार दिया है। वहीं लैटिन कैथोलिक चर्च ने दावा किया है कि इसके पीछे बाहरी ताकतें थीं। उसने इसकी न्यायिक जांच की मांग की। उधर, पुलिस ने इस मामले में दंगा और आपराधिक साजिश के आरोपों के तहत तीन हजार से ज्यादा लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। 

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सत्तारूढ़ माकपा ने कहा, तटीय क्षेत्र में हिंसा की हालिया घटनाएं निंदनीय हैं। पार्टी ने दावा किया कि निहित स्वार्थों के साथ कुछ 'रहस्यमयी ताकतें' वहां दंगा जैसी स्थिति पैदा करने की कोशिश कर रही हैं। माकपा राज्य सचिवालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया, विरोध के नाम पर कुछ लोग तटीय इलाकों में संघर्ष पैदा करने के लिए हिंसा का सहारा ले रहे हैं और राज्य सरकार को इसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। 

दूसरी ओर, कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने विझिंजम में हिंसा को लेकर राज्य सरकार को दोषी ठहराया। यूडीएफ ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने 15 कैथोलिक पादरियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर प्रदर्शनकारियों को जानबूझकर हिंसा के लिए उकसाया। 
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राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता वी.डी. सतीसन ने तिरुवनंतपुरम में पत्रकारों से बात करते हुए सवाल किया, विरोध प्रदर्शन करने वाले पादरियों को हिंसा के लिए जवाबदेह ठहराया जा रहा है, तो क्या केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन और माकपा के राज्य सचिव एम.वी. गोविंदन को उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं के विरोध और अन्य कार्यों के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए?

कांग्रेस नेता ने मुख्यमंत्री को सलाह दी कि वे अपने अहंकार को दूर रखें और विरोध करने वाले मछुआरों के साथ सीधे संवाद करें ताकि उन्हें आंदोलन खत्म करने के लिए मनाया जा सके। 
 
वहीं, केरल के बंदरगाह (पोर्ट) मंत्री अहमद देवरकोविल ने कहा, विरोध के संबंध में सरकार अब तक बहुत धैर्यवान रही है, लेकिन अगर आंदोलन आपराधिक प्रकृति को अपना लेता है, जहां पुलिसकर्मियों पर हमला किया जाता है और वे घायल हो जाते हैं, उनकी संपत्ति नष्ट हो जाती है, तो यह अस्वीकार्य है। मंत्री ने कहा, केरल जैसे धर्मनिरपेक्ष राज्य में हम किसी भी तरह के सांप्रदायिक संघर्ष की अनुमति नहीं देंगे। उन्होंने दावा किया कि भीड़ ने उन लोगों के घरों और प्रतिष्ठानों पर हमला किया जो उनके समुदाय के नहीं थे। उन्होंने आगे कहा, हम राज्य में सांप्रदायिक सद्भाव को सुनिश्चित करने के लिए किसी भी हद तक जाएंगे। 

वहीं, विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा के मामले में तीन हजार से ज्यादा लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने दंगा और आपराधिक साजिश के आरोपों के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस स्टेशन में तोड़फोड़ करने और पुलिसकर्मियों को घायल करने के आरोप में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। हिंसा में चालीस से ज्यादा पुलिसकर्मियों और स्थानीय लोगों के घायल होने की सूचना है। 

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