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केरल सरकार का बड़ा फैसला: ADM नवीन बाबू की मौत की सीबीआई जांच की सिफारिश, इस CPIM नेता की बढ़ी मुश्किलें

Thu, 04 Jun 2026 03:46 PM IST
Devesh Tripathi पीटीआई, तिरुवनंतपुरम

सार

केरल सरकार ने पूर्व अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट नवीन बाबू की मौत की जांच सीबीआई को सौंपने की सिफारिश की है। यह फैसला परिवार की लंबे समय से चली आ रही मांग के बाद लिया गया, जिसने स्थानीय पुलिस और विशेष जांच दल की जांच पर भरोसा नहीं जताया था। सरकार ने नवीन बाबू की बेटी को अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने की प्रक्रिया भी शुरू करने का निर्देश दिया है।
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केरल कैबिनेट में बड़ा फैसला - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स/ANI
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विस्तार
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केरल सरकार ने पूर्व कन्नूर अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) नवीन बाबू की मौत की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने की सिफारिश की है। इस फैसले से राजनीतिक रूप से संवेदनशील और बड़ा विवाद पैदा करने वाले मामले की जांच अब केंद्रीय एजेंसी की निगरानी में होगी।
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यह फैसला यूडीएफ सरकार के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया। बैठक में नवीन बाबू के परिवार की लंबे समय से चली आ रही मांग को स्वीकार किया गया। परिवार ने बार-बार पुलिस और विशेष जांच दल द्वारा की गई बाद की जांच में भरोसा नहीं जताया था।

बेटी को सरकारी नौकरी देने का भी लिया फैसला
इसके अतिरिक्त कैबिनेट ने राजस्व विभाग को नवीन बाबू की बेटी को अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने के लिए कदम उठाने का भी निर्देश दिया। यह कदम महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह नए सरकार के पदभार ग्रहण करने के बाद सीबीआई जांच के लिए सिफारिश का पहला मामला है। 
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गौरतलब है कि पिछली राज्य सरकार ने सीबीआई को केरल में सीधे मामले दर्ज करने और जांच करने की सामान्य सहमति वापस ले ली थी। इसकी वजह से केंद्रीय एजेंसी द्वारा जांच का जिम्मा संभालने के लिए राज्य सरकार की विशिष्ट सिफारिश की आवश्यकता थी।

सीपीआईएम नेता पीपी दिव्या की बढ़ी मुश्किलें
इस फैसले से सीपीआई (एम) नेता और पूर्व कन्नूर जिला पंचायत अध्यक्ष पीपी दिव्या की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दरअसल, उनको बचाने के प्रयास के आरोप विपक्ष की ओर से लगाए जाते रहे हैं। बता दें कि अब तक दायर आरोप पत्र में पीपी दिव्या एकमात्र आरोपी हैं।

शुरुआत से ही नवीन बाबू के परिवार ने स्थानीय पुलिस और विशेष जांच दल द्वारा की गई जांच पर गंभीर आपत्ति जताई थी। परिवार का मानना था कि जांच उनकी मृत्यु के सही परिस्थितियों का पता लगाने में नाकाम रही थी। उन्होंने बार-बार एक केंद्रीय एजेंसी द्वारा जांच की मांग की थी।

कैसे हुई थी नवीन बाबू की मौत?
नवीन बाबू को 15 अक्टूबर, 2024 को कन्नूर के पल्लिकुनु स्थित उनके आधिकारिक आवास पर मृत पाया गया था। उनकी मृत्यु कन्नूर कलेक्ट्रेट में उनके विदाई समारोह के एक दिन बाद हुई थी, जहां तत्कालीन जिला पंचायत अध्यक्ष पी.पी. दिव्या बिना निमंत्रण के पहुंची थीं। इस दौरान उन्होंने एक पेट्रोल पंप के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने के संबंध में उन पर सार्वजनिक रूप से आरोप लगाए थे।

रिपोर्टों के अनुसार, इस घटना के बाद नवीन बाबू कलेक्ट्रेट से व्यथित होकर निकले थे। उन्होंने मलप्पुरम एक्सप्रेस में कन्नूर से रात 8.55 बजे प्रस्थान करने के लिए एक टिकट बुक किया था। हालांकि, अगली सुबह चेंगन्नूर पहुंचने वाले रिश्तेदारों ने अधिकारियों को सूचित किया कि वह ट्रेन में नहीं थे। उनके चालक ने बाद में उन्हें उनके आधिकारिक आवास में मृत पाया।

इस घटना ने पूरे केरल में व्यापक विरोध प्रदर्शनों और एक बड़े राजनीतिक विवाद को जन्म दिया। इसके चलते पीपी दिव्या को जिला पंचायत अध्यक्ष के पद से इस्तीफा देने के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्हें बाद में मामले के संबंध में गिरफ्तार भी किया गया था।
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