केरल में विधानसभा चुनाव को लेकर विपक्ष के नेता रमेश चेन्निथला ने सोमवार को फर्जी मतदाताओं के मुद्दे पर चुनाव आयोग और भाजपा पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, 'यह लोकतंत्र के साथ धोखा है। चुनाव आयोग इस इलेक्टोरल रोल को कैसे स्वीकार कर सकता है? सूची में अब फर्जी मतदाता शामिल हो गए हैं। केरल उच्च न्यायालय ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया है कि वह सुनिश्चित करे कि एक व्यक्ति एक ही बार मतदान करे।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता चेन्निथला ने आगे कहा, 'मैं सीईसी (केंद्रीय निर्वाचन आयोग) से अनुरोध करता हूं कि वह उच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन करे और पारदर्शी चुनाव के लिए सभी प्रयास करे। भाजपा और सीपीएम के बीच अंदरूनी समझौता है। सीपीएम और पांच साल चाहती है जबकि भाजपा 10 सीटों की इच्छा रखती है, यह सभी जानते हैं। लोग बेवकूफ नहीं हैं, वह भाजपा और सीपीएम के अपवित्र गठबंधन को करारा जवाब देंगे।
अदालत का निर्वाचन आयोग को निर्देश, ‘एक व्यक्ति एक वोट’ सुनिश्चित करें
केरल उच्च न्यायालय ने सोमवार को निर्वाचन आयोग को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि जिन मतदाताओं के विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची में नाम हैं, वे राज्य विधानसभा चुनाव में छह अप्रैल को सिर्फ एक ही वोट दें। अदालत ने कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला की याचिका पर यह अंतरिम आदेश दिया।
याचिका में कहा गया था कि फर्जी और कई जगहों पर मतदाता सूची में नाम रखने वाले मतदाताओं को मतदान से रोकना चाहिए। याचिका पर अदालत ने कहा कि यह नागरिकों के अधिकारों से जुड़ा एक गंभीर विषय है। अदालत इस विषय की आगे की सुनवाई मंगलवार को करेगी। अदालत ने शुक्रवार को याचिका पर आयोग की राय मांगी थी।