फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

केरल: शिक्षा मंत्री का दावा, छात्रा ने 11 वीं में सीट न मिलने पर नहीं की आत्महत्या, कहा- बच्चों को तनाव न दें

Wed, 12 Jun 2024 03:50 PM IST
मेघा झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

केरल के सामान्य शिक्षा मंत्री वी शिवनकुट्टी ने छात्रा की आत्महत्या को दुखद बताते हुए प्लस वन में सीट न मिलने के कारण को खारिज कर दिया। विधानसभा में बोलते हुए मंत्री ने कहा कि परप्पनंगडी में सरकारी स्कूल की 10वीं पास छात्रा की मौत के कारण का विवरण पुलिस से मांगा गया है।
विज्ञापन
केरल शिक्षा मंत्री वी शिवनकुट्टी - फोटो : facebook
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

केरल के सामान्य शिक्षा मंत्री वी शिवनकुट्टी ने छात्रा की आत्महत्या को दुखद बताते हुए प्लस वन में सीट न मिलने के कारण को खारिज कर दिया। विधानसभा में बोलते हुए मंत्री ने कहा कि परप्पनंगडी में सरकारी स्कूल की 10वीं पास छात्रा की मौत के कारण का विवरण पुलिस से मांगा गया है। साथ ही यह भी कहा कि इस प्रकार की बातें करके बच्चों को तनाव न दिया जाए।
विज्ञापन


दरअसल छात्रा की आत्महत्या के बाद से केरल की वामपंथी सरकार को मलप्पुरम के उत्तरी जिले में उच्चतर माध्यमिक छात्रों के लिए स्कूलों में सीटों की कथित कमी को लेकर विपक्षी दलों की तीखी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में विपक्षी दलों और मीडिया रिपोर्ट का कहना है कि छात्रा ने यह कदम प्रवेश प्रक्रिया के दौरान प्लस वन के लिए सीट नहीं मिलने के कारण उठाया है। इस पर विधानसभा में शिक्षा मंत्री वी शिवनकुट्टी ने इन रिपोर्ट का खारिज कर दिया। उन्होंने विधानसभा में कहा कि परप्पनंगडी में सरकारी स्कूल की 10वीं पास छात्रा की मौत के कारण का विवरण पुलिस से मांगा गया है।

उन्होंने कहा, "प्रारंभिक जानकारी में समझ आता है कि छात्रा को सीट नहीं मिलने जैसी कोई संभावना नहीं है। केवल आवंटन का पहला चरण पूरा हुआ है। आवंटन का दूसरा चरण और सामुदायिक कोटा प्रवेश आज से शुरू हो रहा है।" मंत्री ने यह भी बताया कि आवंटन के तीसरे चरण तक लगभग सभी छात्रों को प्रवेश मिल जाएगा। इसके बाद पूरक आवंटन होगा। वहीं कक्षाएं 24 जून को ही शुरू होंगी। शिवनकुट्टी ने कहा कि उस समय तक सभी छात्रों को विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश सुनिश्चित कर दिया जाएगा।
विज्ञापन


शिक्षा मंत्री ने कहा, "यह बहुत दुखद है कि बच्चे ने इसके लिए इंतजार किए बिना ही यह कदम उठा लिया।" उन्होंने सभी से अनुरोध किया कि प्लस वन एडमिशन के बारे में अनावश्यक चर्चा कर छात्रों और अभिभावकों को कोई मानसिक तनाव न दें।
विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें