केरल के विपक्षी सांसदों और पुलिस के बीच हाथापाई
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केरल के कुछ विपक्षी सांसदों ने गुरुवार को लोकसभा में आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य की एक परियोजना के विरोध में आज मार्च निकालने के दौरान संसद के निकट पुलिस ने उन्हें जबरन रोका तथा धक्कामुक्की एवं पिटाई की। सदन में शून्यकाल के दौरान कांग्रेस सांसद के. सुरेश और आरएसपी सांसद एनके प्रेमचंद्रन ने यह विषय उठाया।
केरल सरकार की सिल्वरलाइन परियोजना का विरोध
सुरेश ने कहा कि आज सुबह कुछ महिला सदस्यों समेत करीब 10 सांसदों ने विजय चौक से संसद परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा तक के लिए विरोध मार्च निकाला था। यह विरोध मार्च केरल की सिल्वरलाइन परियोजना (राज्य सरकार की रेल परियोजना) को लेकरथा जिसका विरोध पिछले कई दिनों से केरल में हो रहा हैं। विरोध मार्च निकालने के बाद पुलिस ने हमें रोक लिया और संसद में घुसने नहीं दिया।
उन्होंने दावा किया कि पुलिसकर्मियों ने हमारे साथ धक्कामुक्की की, पिटाई की और हमला किया। सुरेश के अनुसार, सांसदों ने पुलिस को बताया कि वे संसद सदस्य हैं तथा विरोध और नारेबाजी करना उनका अधिकार है, इसके बावजूद पुलिस ने रोका जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
यह विशेषाधिकार का मामला प्रेमचंद्रन
प्रेमचंद्रन ने कहा कि यह विशेषाधिकार का मामला बनता है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। पुलिस का क्या अधिकार है कि वह सांसदों को संसद में प्रवेश करने से जबरन रोके। इस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि मैं चैम्बर में बुलाकर आपसे घटनाक्रम के बारे में बात करूंगा। फिर संबंधित अधिकारियों से भी बात करूंगा।