तिरुवनंतपुरम में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) की बैठक को संबोधित करते हुए सीएम सिजयन ने कहा कि ब्याज राशि में छूट या मासिक किस्तों को जमा करने के लिए समय बढ़ाने से भूस्खलन प्रभावित लोगों की समस्या हल नहीं होगा।
केरल के वायनाड में 30 जुलाई को भूस्खलन के कारण स्थानीय लोगों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा। इस त्रासदी से पीड़ित लोगों की मदद के लिए केरल सरकार ने बड़ा कदम उठाया। मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने सोमवार को विभिन्न बैंकों से केरल के वायनाड में भूस्खलन में मरने वालों और प्रभावित लोगों के कर्ज माफ करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि कर्ज माफ करने से बैंकों पर कोई असहनीय बोझ नहीं पड़ेगा। बता दें कि वायनाड भूस्खलन में 300 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी।
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तिरुवनंतपुरम में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) की बैठक को संबोधित करते हुए सीएम सिजयन ने कहा, "ब्याज राशि में छूट या मासिक किस्तों को जमा करने के लिए समय बढ़ाने से भूस्खलन प्रभावित लोगों की समस्या हल नहीं होगा।" उन्होंने आगे बताया कि कर्ज लेने वाले कई लोगों की मौत हो चुकी है। भूस्खलन के बाद उनकी जमीन भी अनुपयोगी हो गई।
विजयन ने कहा, "हम बस यह चाहते हैं कि प्रभावित क्षेत्रों में लोगों द्वारा लिए गए कर्ज को माफ कर दिया जाए। इसके साथ ही उन्होंने बैंकों द्वारा प्रभावित लोगों से मासिक किस्तें लेने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की।" उन्होंने एसएलबीसी से इस संबंध में निर्णय लेने की भी अपील की।
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30 जुलाई की त्रासदी को याद करते हुए सीएम विजयन ने कहा कि भूस्खलन पीड़ित अब वायनाड में खेती की गतिविधियों में लगे हुए हैं, लेकिन इस त्रासदी ने वहां की कृषि भूमि का भूगोल ही बदल दिया। रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्र अनुपयोगी हो चुके हैं। वहां खेती संभव नहीं है। सीएम ने कहा, "उस क्षेत्र के कई किसानों ने कर्ज लिया था। जिन्होंने घर बनाने के लिए कर्ज लिया था, उनके घर ही नष्ट हो गए।" उन्होंने बैंकों पर निशाना साधते हुए कहा कि कर्ज माफ करने के बाद बैंक अक्सर सरकार से माफ की गई राशि का भुगतान करने की उम्मीद करते हैं।