केरल के एर्नाकुलम में एक प्रार्थना सभा के दौरान बम विस्फोट मामले में गिरफ्तार आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। सत्र न्यायालय के न्यायाधीश हनी एस वर्गीस ने आरोपी डोमिनिक मार्टिन को 29 नवंबर तक की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। मार्टिन ने अदालत द्वारा पेशकश किए जाने के बावजूद कानूनी सहायता वकील की मदद से इनकार कर दिया। सुनवाई के दौरान आरोपी ने कहा कि वह खुद का प्रतिनिधित्व करेगा।
सुनवाई के दौरान पुलिस ने अदालत को बताया कि वह बुधवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष टेस्ट पहचान परेड के लिए एक आवेदन दायर करेगी। जिसे बाद मार्टिन की हिरासत की मांग करेंगे। पुलिस अधिकारी ने कहा, आरोपी को सबूत इकट्ठा करने के लिए उसके घर ले जाया गया। अधिकारी ने यह भी कहा कि आरोपी ने 17 साल तक विदेश में काम किया, उसके पास उच्च वेतन वाली नौकरी थी। आरोपी को यहां के पास कक्कनाड जिला जेल में स्थानांतरित किया जाएगा।
सोमवार को पुलिस ने औपचारिक रूप से मार्टिन की गिरफ्तारी दर्ज की थी, जिसने रविवार सुबह विस्फोटों के कुछ घंटों बाद आत्मसमर्पण कर दिया था। आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 302 (हत्या के लिए सजा) और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा तीन के अलावा यूएपीए की संबंधित धाराएं भी लगाई गई हैं।
क्या है मामला
विस्फोट कलामासेरी में एक कन्वेंशन सेंटर में किए गए थे, जहां रविवार को एक प्रार्थना सभा आयोजित की गई थी। आरोपी मार्टिन ने राज्य के त्रिशूर जिले में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया और कहा कि उसने कई विस्फोटों को अंजाम दिया। आत्मसमर्पण करने से पहले उसने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें विस्फोटों को अंजाम देने के अपने कारण बताए। रविवार शाम तक मामले की जांच के लिए एडीजीपी अजित कुमार की अध्यक्षता में केरल पुलिस की 21 सदस्यीय विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया था।