राजीव चंद्रशेखर ने कहा, 'राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू चार दिनों के लिए दौरे पर हैं। हमने उन्हें सबरीमाला में हो रही चौंकाने वाली घटनाओं के बारे में बताया। राष्ट्रपति यह सुनकर बहुत स्तब्ध थीं।'
केरल भाजपा ने राज्य के मंदिरों में कथित भ्रष्टाचार और गबन के आरोप लगाते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है। इस पत्र में केरल भाजपा ने केंद्र सरकार से दखल देने की अपील की है। केरल भाजपा ने ये आरोप ऐसे समय लगाए हैं, जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इन दिनों दक्षिण भारतीय राज्य केरल के दौरे पर हैं। केरल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर सबरीमाला श्री धर्म संस्था मंदिर सहित केरल के मंदिरों में कथित भ्रष्टाचार, गबन और उल्लंघन के मामलों में हस्तक्षेप की मांग की।
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केरल भाजपा ने की केंद्र सरकार से दखल की मांग
राजीव चंद्रशेखर ने कहा, 'राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू चार दिनों के लिए दौरे पर हैं। अपनी यात्रा के दौरान, वह सबरीमाला मंदिर में आशीर्वाद लेने जाएंगी। हमने उन्हें सबरीमाला में हो रही चौंकाने वाली घटनाओं के बारे में बताया। राष्ट्रपति यह सुनकर बहुत स्तब्ध थीं। देवास्वम बोर्ड दलालों के संगठन में तब्दील हो गया है। भगवान ही जाने कि कांग्रेस और सीपीएम ने इतने वर्षों में और कितनी लूट मचाई है।'
क्या है विवाद
सबरीमाला मंदिर मामले ने केरल की राजनीति में भूचाल ला दिया है। भाजपा ने राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। साल 2019 में देवस्वम बोर्ड के रिकॉर्ड्स के अनुसार, जब सोने की प्लेटें रिपेयरिंग के लिए हटाई गईं, तब उन्हें तांबे की चादरें बताया गया। जब प्लेटें वापस लौटीं, तो उनका वजन करीब 4.41 किलो कम पाया गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि उन्निकृष्णन पोट्टी नामक व्यक्ति ने दावा किया था कि जो चादरें उसे दी गई थीं, वे तांबे की थीं जिन पर थोड़ा सोना बचा था और उन्हें बाद में चेन्नई की कंपनी में फिर से सोना चढ़ाया गया। इस तरह सबरीमाला मंदिर विवाद में करोड़ों रुपये के गबन की आशंका है।
हाईकोर्ट ने गठित की जांच समिति
इस मामले को लेकर विधानसभा में भी खूब हंगामा हुआ। विपक्षी पार्टियां राज्य के देवास्वम मंत्री वीएन वासावन के इस्तीफे की मांग कर रही हैं। केरल हाईकोर्ट ने सबरीमाला मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच समिति गठित करने का आदेश दिया है। जांच समिति का नेतृत्व पूर्व पुलिस अधीक्षक एस शशीधरन करेंगे। इनके अलावा समिति में क्राइम ब्रांच के मुख्य अतिरिक्त महानिदेशक एच वेंकटेश और तीन इंस्पेक्टर शामिल होंगे। जांच समिति में साइबर विशेषज्ञ भी शामिल होंगे। हाईकोर्ट ने सख्त निर्देश दिए हैं कि जांच समिति की रिपोर्ट गोपनीय रहनी चाहिए और ये लीक नहीं होनी चाहिए।