फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kerala Assembly: आज से शुरू होगा केरल का विधानसभा सत्र; पांच दशकों में पहली बार ओमान चांडी नहीं होंगे मौजूद

Mon, 07 Aug 2023 12:37 AM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम

सार

केरल विधानसभा के इस सत्र में सदन की दस बैठकें होंगी। सत्र की शुरुआत केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे ओमन चांडी को श्रद्धांजलि देने के साथ होगी। वे दो बार केरल के मुख्यमंत्री रहे थे। बीते माह बेंगलुरु में उनका निधन हो गया था।
 
विज्ञापन
केरल विधानसभा - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

केरल का विधानसभा सत्र आज यानी सात अगस्त (सोमवार) से शुरू होगा। राज्य के पूर्व सीएम ओमान चांडी की मृत्यु के बाद राज्य विधानसभा का यह पहला सत्र है। सत्र शुरू होने से पहले उन्हें श्रद्धांजलि दी जाएगी।  विधानसभा के इस सत्र में सदन में राज्य के वित्तीय संकट सहित वाम लोकतांत्रिक मोर्चा सरकार से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा और हंगामा होने की संभावना है।

विज्ञापन


होंगी कुल 10 बैठकें
केरल विधानसभा के इस सत्र में सदन की दस बैठकें होंगी। सत्र की शुरुआत केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे ओमन चांडी को श्रद्धांजलि देने के साथ होगी। वे दो बार केरल के मुख्यमंत्री रहे थे। बीते माह बेंगलुरु में उनका निधन हो गया था।

पांच दशकों से भी ज्यादा समय में पहली बार सदन में नहीं होगें चांडी 
गौरतलब है कि पिछले पांच दशकों से अधिक समय में यह सदन का पहला ऐसा सत्र होगा, जब ओमान चांडी विधानसभा में मौजूद नहीं रहेंगे। वे पिछले 53 वर्षों से कोट्टायम जिले के पुथुपल्ली विधानसभा क्षेत्र का सदन में प्रतिनिधित्व करते थे। 
विज्ञापन


वित्तीय संकट को लेकर सदन में हो सकता है हंगामा
23 अगस्त तक चलने वाले इस सत्र में सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी यूडीएफ के बीच घमासान होने की संभावना है। विपक्ष राज्य में महिला अपराधों की कथित बढ़ोतरी और उनकी सुरक्षा के इंतजामों पर सवाल कर सकती है। इसके साथ ही राज्य के वित्तीय संकट सहित वाम लोकतांत्रिक मोर्चा सरकार से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर भी चर्चा और हंगामा होने की संभावना है। 

वहीं, सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) राज्य के सामने मौजूद वित्तीय संकट का ठीकरा केंद्र सरकार पर फोड़ सकती है। साथ ही इसके लिए वह केंद्र की आर्थिक नीतियों को जिम्मेदार ठहरा सकती है, जबकि विपक्ष यह तर्क दे सकता है कि प्रशासन अत्यधिक खर्च कर रहा है, जिसे रोका जा सकता है।  

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें