तिरुवनंतपुरम की वट्टियूरकावु सीट से कांग्रेस उम्मीदवार के मुरलीधरन ने भाजपा पर तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा कि केरल में भाजपा पूरी तरह अप्रासंगिक हो गई है। मुरलीधरन के अनुसार, भाजपा ने राज्य की जनता से किए गए अपने वादे पूरे नहीं किए हैं, इसलिए लोग अब उन पर भरोसा नहीं करते।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पलक्कड़ रैली पर प्रतिक्रिया देते हुए मुरलीधरन ने कहा कि भाजपा बदलाव का दावा तो करती है, लेकिन जमीन पर कुछ नहीं दिखता। उन्होंने सवाल उठाया कि भाजपा के सांसद और केंद्रीय मंत्री होने के बावजूद त्रिशूर में मेट्रो रेल क्यों नहीं आई? उन्होंने एम्स की मांग का मुद्दा भी उठाया। मुरलीधरन ने बताया कि उन्होंने सांसद रहते हुए दो बार संसद में केरल के लिए एम्स की मांग की थी। तब केंद्र सरकार ने जवाब दिया था कि यह प्रस्ताव वित्त विभाग के पास है, लेकिन आज तक इस पर कोई काम नहीं हुआ।
मुरलीधरन ने आरोप लगाया कि भाजपा ने तिरुवनंतपुरम नगर निगम चुनाव के समय वादा किया था कि जीत मिलने पर प्रधानमंत्री विशेष पैकेज की घोषणा करेंगे। प्रधानमंत्री शहर आए भी, लेकिन किसी पैकेज का ऐलान नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि कुछ सीटों को छोड़कर केरल में मुख्य मुकाबला केवल यूडीएफ और एलडीएफ के बीच ही है। इस चुनाव में भाजपा की कोई भूमिका नहीं बची है।
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उन्होंने माकपा (सीपीआई-एम) पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप भी लगाया। मुरलीधरन ने कहा कि जब पिछले लोकसभा चुनाव में एसडीपीआई ने यूडीएफ का समर्थन किया था, तब मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने इसकी कड़ी आलोचना की थी। लेकिन अब माकपा नेता ई पी जयराजन कह रहे हैं कि वे सभी संगठनों के वोट लेंगे। उन्होंने दावा किया कि एसडीपीआई ने नेमम सीट पर वी शिवनकुट्टी को समर्थन देने की बात कही है। मुरलीधरन ने कहा कि जब एसडीपीआई यूडीएफ के साथ होती है तो उसे 'सांप्रदायिक' कहा जाता है, लेकिन एलडीएफ के साथ होने पर उसे 'धर्मनिरपेक्ष' मान लिया जाता है। केरल के लोग यह सब देख रहे हैं।
मुरलीधरन ने उन आरोपों को भी गलत बताया जिनमें कहा गया था कि वे अपने चुनाव प्रचार के लिए लोगों को 500 रुपये प्रतिदिन पर रख रहे हैं। उन्होंने इसे माकपा का झूठा प्रचार बताया। उन्होंने एलडीएफ उम्मीदवार वी.के. प्रशांत पर इन दावों के पीछे होने का आरोप लगाया और इस मामले में चुनाव आयोग और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
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