यूपी के लिए इसलिए है अहम
बुंदेलखंड क्षेत्र में यूपी के चार जिले बांदा, महोबा, झांसी और ललितपुर शामिल हैं। इस परियोजना से यूपी के इन चार जिलों को 750 मिलियन क्यूसेक मीटर पानी मिलेगा। इन चार जिलों की दो लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि सिंचित होगी। इन चार जिलों का पेयजल संकट हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा। इसके अलावा इस परियोजना के तहत यूपी में दो बैराज बनने हैं। बिजली का लाभ अलग से मिलेगा।
यूपी और एमपी को करना होगा पांच फीसदी खर्च, 39317 करोड़ खर्च केंद्र करेगा
44,605 करोड़ की इस परियोजना का नब्बे फीसदी खर्च केंद्र सरकार उठाएगी और यूपी को महज पांच फीसदी ही खर्च उठाना होगा। केंद्र का खर्च 39,317 करोड़ होगा। शेष दस फीसदी राशि में ही उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश सरकार को योगदान देना होगा। सरकार ने इस परियोजना को हर हाल में आठ साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
पानी के कारण दशकों से गरीबी झेल रहे कई इलाके
परियोजना को ऐसे समय में मंजूरी दी गई है जब करीब दो महीने बाद ही यूपी में विधानसभा चुनाव होने हैं। इस परियेाजना से यूपी के जिन चार जिलों को लाभ हासिल होना है, वहां पानी की कमी के कारण दशकों से भयानक स्तर की गरीबी है। परियोजना को मंजूरी मिल जाने के बाद सरकार की कोशिश चुनाव से पहले काम शुरू करने की है। जाहिर तौर पर इसके जरिये भाजपा इन चार जिलों के मतदाताओं को साधने की कोशिश करेगी।