अब क्या होगी आम आदमी पार्टी की रणनीति?
प्राथमिक तौर पर यह सूचना मिल रही है कि आम आदमी पार्टी अरविंद केजरीवाल की राहत को बड़े स्तर पर जनता के बीच ले जाने की तैयारी कर रही है। अरविंद केजरीवाल की भावनात्मक अपील आम आदमी पार्टी के सुस्त पड़े कार्यकर्ताओं में ऊर्जा भर सकती है। पार्टी सूत्रों के अनुसार अरविंद केजरीवाल और कांग्रेस के कुछ बड़े नेता एक साथ संयुक्त रैलियां कर सकते हैं। केजरीवाल भी जनता के बीच उन मुद्दों को जोरशोर से उठाने की कोशिश कर सकते हैं जिन्हें विपक्ष लगातार उठाता रहा है। जब तक अरविंद केजरीवाल को जमानत नहीं मिली थी, आम आदमी पार्टी अपनी हर सभाओं में उनकी जेल में बंद फोटो का इस्तेमाल कर अपना चुनाव प्रचार कर रही थी। उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल हर चुनावी सभा में अपने पति पर 'जुल्म' किए जाने की बात कह रही थीं।
यहां प्रचार करेंगे केजरीवाल
आम आदमी पार्टी दिल्ली की चार लोकसभा सीटों, हरियाणा के गुरुग्राम की एक और पंजाब की सभी 13 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। इन 18 लोकसभा सीटों पर अरविंद केजरीवाल को चुनाव प्रचार करने का मौका मिल गया है। जबकि असम और गुजरात में वे चुनाव प्रचार नहीं कर पाए। पार्टी को इसका कितना नुकसान हुआ, यह चुनाव परिणाम आने के दिन ही पता चल पाएगा। आने वाले समय में इंडिया गठबंधन के नेता अरविंद केजरीवाल के साथ संयुक्त रैलियां करने की कोशिश कर सकते हैं।
अंतरिम जमानत मिली है, छूट नहीं- भाजपा
दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा है कि अरविंद केजरीवाल को यह याद रखना चाहिए कि यह अंतरिम जमानत है। जिस तरह दूसरे मामलों में अपराधियों को अंतरिम जमानत या पैरोल मिलती है, उसी तरह अरविंद केजरीवाल को उसी तरह कुछ दिनों के लिए जमानत मिली है। इससे यह साबित हो जाता है कि इस मामले में अभी उन्हें कोई छूट नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि इससे चुनाव पर कोई असर नहीं पड़ेगा। भाजपा हर हाल में सभी सीटों पर पिछले चुनावों से बड़ी जीत हासिल करेगी।