दिल्ली सरकार द्वारा दिल्ली के हर स्कूल की हर पाली को अब कम से कम 5 लाख रुपये की सीधी मदद मिलेगी। इस राशि से स्कूल के प्रिंसिपल छात्रों की बेहतरी के लिए कोई भी कदम उठा सकेंगे। इसमें कोई निर्माण करना, छात्रों के लिए कोई खेल का सामान मंगवाना या इंग्लिश स्पीकिंग जैसे किसी कोर्स के लिए अध्यापक बुलाना शामिल हो सकता है। इसके लिए उन्हें किसी से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं रहेगी।
इस फंड को किस मद में इस्तेमाल करना है, इसका निर्णय प्रिंसिपल की अगुवाई में बनी एसएमसी कमेटी करेगी। इसमें प्रिंसिपल के अलावा अभिभावकों को भी शामिल किया जाता है। इसके पूर्व स्कूल प्रिंसिपल को किसी भी मद की स्वीकृति के लिए शिक्षा निदेशालय से प्रार्थना करनी पड़ती थी। दिल्ली सरकार के स्कूलों में बड़े बदलाव कर पूरी दुनिया में नाम कमा चुके शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि यह राशि न्यूनतम है।
छात्रों की संख्या बढ़ने के हिसाब से यह राशि छः लाख से लेकर सात लाख तक हो सकती है। इस फंड की आधी राशि निर्माण सम्बन्धी कार्यों पर, और शेष आधी राशि किसी विषय के विशेषज्ञ बुलाने, छात्रों को समय-समय पर करियर काउंसलिंग करने या किसी अन्य मुद्दे पर एक्सपर्ट को बुलाने पर की जा सकेगी।