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नीतीश का भाजपा के साथ आना कोरी अफवाह: केसी त्यागी

Fri, 25 Nov 2016 10:08 PM IST
शशिधर पाठक
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केसी त्यागी - फोटो : फाइल फोटो
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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की भाजपा के करीब आने की खबर कोरी अफवाह है और इसे मोदी भक्तों ने उड़ाई है। जद(यू) के पूर्व राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ नेता केसी त्यागी ने इसका सिरे से खंडन किया है। त्यागी का कहना है कि  जद(यू) 500 और 1000 रुपये की नोटबंदी को वापस लेने के कदापि पक्ष में नहीं हैं, लेकिन जिस तरह से सरकार ऐसा कर रही है, उसका पार्टी लगातार विरोध कर रही है। हम सरकार द्वारा अपरिपक्व तरीके से बिना तैयारी के नोटबंदी का निर्णय लागू करने के खिलाफ हैं। इससे जनता को परेशानी हो रही है और उसका विरोध कर रहे हैं।
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केसी त्यागी ने कहा कि संसद में नोटबंदी की नीति से कांग्रेस, सपा, बसपा, वामदल किसी को आपत्ति नहीं है। केवल तृणमूल कांग्रेस नीति का विरोध और सरकार से फैसला वापस लेने के लिए कह रही है। सभी दल काले धन के खिलाफ हैं। सब संसद में सरकार के अपरिपक्व तरीके से किए गए फैसले का विरोध कर रहे हैं और जद(यू) इसमें सबके साथ है। त्यागी के मुताबिक संसद में सांसदो के धरना-प्रदर्शन से लेकर राष्ट्रपति के यहां ज्ञापन देने तक में हमारा योगदान किसी से कम नहीं है। फिर लोगों को कहां से नीतीश कुमार भाजपा के साथ दिखाई दे रहे हैं।

2014 और 2016 के मोदी में फर्क है क्या?
केसी त्यागी का कहना है कि भाजपा और जद(यू) का अलगाव नरेन्द्र मोदी के विरोध को लेकर हो रहा था। हमारा साफ कहना था कि नरेन्द्र मोदी को भाजपा मुख्य भूमिका न ले आए, क्योंकि समाज का एक वर्ग मोदी से सशंकित रहता है और असुरक्षित महसूस करता है। भाजपा ने नहीं मानी और जद(यू) अलग हो गया। क्या 2014 के नरेन्द्र मोदी और 2016 के मोदी में कोई फर्क आ गया है। जब से मोदी पीएम बने हैं घर वापसी, लव जिहाद सब कुछ तो चल रहा है।
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नीतीश का बयान

फाइल फोटो
नीतीश कुमार ने 500 और 1000 रुपये की करेंसी को चलन से वापस लेने को साहसिक कदम बताया है। जद(यू) भी यही तो कह रही है। शुक्रवार को समस्तीपुर में नीतीश कुमार ने नोटबंदी की तारीफ तो की, लेकिन यह भी कहा कि वह (नीतिश) कोई भी फैसला पूरी तैयारी के साथ लागू करते हैं। उन्होंने सरकार की नोटबंदी को लेकर तैयारी पर सवाल उठाया है। यही कांग्रेस समेत अन्य दलों का भी कहना है।

कैसे है अफवाह
खबर फैलायी जा रही है कि नीतिश कुमार को प्रशांत किशोर ने अमित शाह से मिलवाया है। लोगों को याद रखना चाहिए कि प्रशांत किशोर की मोदी की प्रचार टीम से कैसे छुट्टी हुई थी। उसके पीछे कौन था? त्यागी के अनुसार 'जब खबर चलनी शुरू हुई, तो मैंने पूछा कि अमित शाह से मिलने के क्या सबूत हैं तो कोई जवाब नहीं आया।'

सरकार और सख्त कदम उठाए
केसी त्यागी ने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह काला धन के खिलाफ और सख्त कदम उठाए। बेनामी संपत्ति, सोना, हीरा, जवाहरात में कालाधन के प्रयोग, विदेशी बैंकों में जमा काला धन को भी वापस लाए। केन्द्र सरकार के इस प्रयास में जद(यू) न केवल सहयोग करेगी, बल्कि समन्वय बिठाकर आगे बढ़ेगी। त्यागी ने कहा कि समाजवादी आंदोलन में हम सब बड़े नोटों के खिलाफ थे। पांच हजार और दस हजार की करेंसी बंद कराने की मांग कर रहे थे। 1977 में जनता पार्टी की सरकार में इसे बंद भी कराया था।
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