एयरसेल मैक्सिस मनी लान्ड्रिंग मामले में पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी। हालांकि इस चार्जशीट में पी. चिदंबरम को आरोपी नहीं बनाया गया है, जिनसे हाल ही में आईएनएक्स मीडिया और एयरसेल मैक्सिस डील के बारे में सीबीआई व ईडी ने पूछताछ की थी। हालांकि ईडी ने कुछ अन्य लोगों को बाद में आरोपी बनाने के लिए सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल करने का संकेत दिया है।
2जी स्पेक्ट्रम आवंटन मामले के ही एक हिस्से के तौर पर चल रही एयरसेल-मैक्सिस सौदेबाजी की जांच में ईडी ने पटियाला हाउस स्थित ड्यूटी मजिस्ट्रेट रूबी अलका गुप्ता के समक्ष दाखिल चार्जशीट में दावा किया है कि इस मामले में 26 लाख रुपये लेने वाली एडवांटेज स्ट्रेटेजिक कंसलटिंग प्राइवेट लिमिटेड (एएससीपीएल) और 90 लाख रुपये लेने वाली चैस मैनेजमेंट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड (सीएमएसपीएल) पर पूरी तरह कार्ति का नियंत्रण था और ये रकम एयरसेल-मैक्सिस की डील को एफडीआई के तौर पर अनुमति दिलाने के लिए रिश्वत में मिला था। चार्जशीट में कार्ति के अलावा एएससीपीएल व उसके निदेशक पद्म भास्कररमन और रवि विश्वनाथा तथा सीएमएसपीएल व उसके निदेशक अन्नामलाई पलानियाप्पा को भी आरोपी बनाया गया है। इस पर सुनवाई के लिए चार जुलाई को होगी।
अग्रिम जमानत पर हैं कार्ति
पटियाला हाउस स्थित विशेष अदालत ने दो मई को कार्ति की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए गिरफ्तारी पर 10 जुलाई तक रोक लगा दी थी। इस मामले में इसके बाद अदालत ने पांच जून को कार्ति के पिता पी. चिदंबरम की गिरफ्तारी पर रोक को 10 जुलाई तक बढ़ा दिया था। सीबीआई व ईडी एयरसेल मैक्सिस को 2006 में विदेशी निवेश प्रोत्साहन बोर्ड (एफआईपीबी) की अनुमति दिलाने में कार्ति की भूमिका की जांच कर रही है। उस समय उनके पिता पी. चिदंबरम केंद्रीय वित्त मंत्री थे। बता दें कि आईएनएक्स मीडिया को 305 करोड़ रुपये के विदेशी निवेश की अनुमति एफआईपीबी से दिलाने के मामले में भी कार्ति आरोपी हैं।