विजयनगर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज
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कर्नाटक में बिजली गुल होने की वजह से बेल्लारी स्थित विजयनगर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (वीआईएमएस) अस्पताल में हुई दो मरीजों की मौत के मामले में नया मोड आ गया है। शनिवार को वीआईएमएस के निदेशक डॉ. टी गंगाधर गौड़ा ने पूरे प्रकरण को एक साजिश बताते हुए खुद को बदनाम करने का आरोप लगाया है।
बता दें कि, बेल्लारी के सरकारी अस्पताल में गुर्दे से संबंधित बीमारियों से पीड़ित मौला हुसैन (35) और सांप के काटने से पीड़ित चेट्टेम्मा (30) की बुधवार को मौत हो गई थी। इन मौतों के लिए सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बिजली कटौती और एक खराब बिजली जनरेटर को जिम्मेदार ठहराया गया।
शनिवार को वीआईएमएस के निदेशक ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि, इस संबंध में कुछ ऑडियो क्लिप मैंने सुने हैं। पूरी साजिश के सबूत इक्ट्ठा कर रहा हूं। उसके बाद में जिले के उपायुक्त को रिपोर्ट सौंपी जाएगी। उन्होंने कहा कि, 19 अगस्त को वीआईएमएस के निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया था। उन्होंने कहा कि, कुछ लोगों ने मेरी प्रतिष्ठा को धूमिल करने के लिए यह साजिश रची है। डॉक्टर गंगाधर ने ऑडियो क्लिप का ब्योरा देने से इनकार कर दिया, लेकिन कहा कि वह इस घटना के बारे में सभी को बताएंगे और साजिशकर्ताओं के खिलाफ शिकायत भी दर्ज कराएंगे। उन्होंने कहा कि वह कानूनी लड़ाई के लिए तैयार हैं।
सीएम ने दिए जांच के आदेश
कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा कि, सरकार वीआईएमएस में मरीजों की मौत की जांच के लिए गठित टीम द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करेगी। बोम्मई ने कलबुर्गी में संवाददाताओं से कहा, मरीजों की मौत की जांच के लिए राज्य सरकार द्वारा गठित टीम जल्द ही अस्पताल का दौरा करेगी, जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के सुधाकर के अभी तक अस्पताल नहीं जाने और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की नाराजगी के बारे में पूछे जाने पर बोम्मई ने कहा कि सरकार अपना काम कर रही है। इस बीच, सुधाकर और सिद्धारमैया ने ने दावा किया था कि पांच लोगों की मौत हुई है।