कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई
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महाराष्ट्र के साथ ताजा सीमा विवाद को लेकर जारी हंगामे के बीच कर्नाटक में राज्य विधानमंडल का शीतकालीन सत्र आज से शुरू होगा। चुनाव के लगभग पांच महीने के पहले होने जा रहा यह सत्र भाजपा के लिए काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि महाराष्ट्र के सीमा विवाद चल रहा है और मौजूदा भाजपा सरकार का यह आखिरी सत्र होगा।
भाजपा सरकार महत्वपूर्ण कानूनों को आगे बढ़ाने की योजना बना रही है, जबकि विपक्ष भ्रष्टाचार सहित कई मोर्चों पर इसे घेरने की प्रतीक्षा कर रहा है। वहीं इससे पहले भाजपा सरकार ने अनुसूचित जाति के आरक्षण को 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 17 प्रतिशत और अनुसूचित जनजातियों के लिए तीन प्रतिशत से बढ़ाकर सात प्रतिशत कर दिया था।
SC/ST आरक्षण अध्यादेश को दिया जाएगा कानून का रूप
रविवार को हुबली में मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा कि एससी/एसटी आरक्षण अध्यादेश को बदलने वाला विधेयक बेलगावी में सुवर्ण विधान सौध में विधानसभा सत्र में पेश किए जाने वाले मसौदा कानूनों में से एक है। विधानसभा सत्र में कई बिलों पर चर्चा की जाएगी।
कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की संभावना
30 दिसंबर तक चलने वाले 10 दिवसीय सत्र के हंगामेदार रहने की संभावना है क्योंकि सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों कई मुद्दों पर एक-दूसरे पर हमले और पलटवार करते दिखाई दे रहे हैं। विपक्षी दल बोम्मई सरकार को कथित भ्रष्टाचार और विभिन्न विभागों में घोटाले, मतदाता डेटा चोरी कांड, सीमा विवाद मामले पर घेरने के साथ सरकार द्वारा इसे संभालने, सांप्रदायिक भड़काने और कुकर विस्फोट की घटनाओं के साथ कानून व्यवस्था की स्थिति जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की संभावना है।