2018 विधानसभा चुनाव के 13 महीने बाद कांग्रेस और जेडीएस कई विधायकों की इस्तीफे के कारण कुमारस्वामी सरकार गिर गई। विधायकों के अपने पाले में आने के बाद बीएस येदियुरप्पा के नेतृत्व में बीजेपी ने सरकार बनाई।
कर्नाटक में बुधवार को विधानसभा चुनाव के लिए वोट डाले जाएंगे। इसके साथ ही 2615 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद हो जाएगी। इनमें से कौन से 224 उम्मीदवारों को जीत मिलेगी इसका फैसला 13 मई को होगा। इसके साथ ही ये भी तय होगा कि राज्य की सत्ता किसी एक पार्टी के पास जाएगी या 2018 की तरह विधानसभा त्रिशंकु होगी।
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बीते तीन विधानसभा चुनावों में कर्नाटक के नतीजे कैसे रहे? किसे कितने वोट मिले? नतीजों के बाद किसकी सरकार बनी? आइए जानते हैं...
एचडी कुमारस्वामी (फाइल फोटो)
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2018 विधानसभा चुनाव: त्रिशंकु विधानसभा, मिले तीन मुख्यमंत्री
2018 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कुल 72.10% वोटिंग हुई। इसमें 72.68% पुरुषों, 71.53% महिलाओं और 10% थर्ड जेंडर के मतदाताओं ने वोट डाला। 224 सीटों वाली विधानसभा में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। 104 सीटें जीतकर भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनी। पार्टी को कुल 36.22 फीसदी वोट मिले।
कांग्रेस के खाते में 80 सीटें आई। हालांकि, उसका मत प्रतिशत भाजपा से ज्यादा 38.04 प्रतिशत रहा। जेडीएस के 37 उम्मीदवारों ने चुनाव में जीत दर्ज की। उसे कुल 18.36 फीसदी वोट मिले। सबसे बड़ा दल होने के चलते भाजपा को सरकार बनाने का मौका मिला। बीएस येदियुरप्पा मुख्यमंत्री बने। हालांकि, येदियुरप्पा बहुमत साबित नहीं कर सके और उन्हें छह दिन में ही कुर्सी छोड़नी पड़ी।
इसके बाद जेडीएस और कांग्रेस ने गठबंधन करके सरकार बनाई। जेडीएस के एचडी कुमारस्वामी मुख्यमंत्री बने। 13 महीने बाद ही कांग्रेस और जेडीएस कई विधायकों की इस्तीफे के कारण कुमारस्वामी सरकार गिर गई। विधायकों के अपने पाले में आने के बाद बीएस येदियुरप्पा के नेतृत्व में बीजेपी ने सरकार बनाई। येदियुरप्पा ने अपने चौथे कार्यकाल की दूसरी वर्षगांठ 26 जुलाई 2021 को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। वहीं, 28 जुलाई 2021 को बसवराज बोम्मई ने उनकी जगह ली।
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डी.के. शिवकुमार
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2013 विधानसभा चुनाव: कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत, सिद्धारमैया सीएम बने
2013 के विधानसभा चुनाव में 71.45 प्रतिशत वोट पड़े। इसमें 72.40% पुरुषों, 70.47% महिलाओं और 2% अन्य ने वोट डाला। 224 सीटों वाली विधानसभा में कांग्रेस पार्टी ने एकतरफा जीत दर्ज की थी। इस चुनाव में पार्टी को 122 सीटों पर जीत मिली। कांग्रेस को कुल 36.59 फीसदी वोट मिले। सिद्धारमैया मुख्यमंत्री बने।
भाजपा को बीएस येदियुरप्पा की बगावत का नुकसान हुआ। उसके खाते में 40 सीटें आई। पार्टी को महज 19.89 प्रतिशत मत हासिल हुए। वहीं, जेडीएस ने 40 सीटों पर जीत दर्ज की। उसे 20.19 फीसदी मतदाताओं ने वोट किया था।
बीएस येदियुरप्पा (फाइल फोटो)
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2008 विधानसभा चुनाव
2008 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कुल 64.68 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। इसमें से पुरुषों का वोट 66.20 फीसदी और महिलाओं का 63.10 फीसदी था। 224 सीटों वाली राज्य विधानसभा में भी कोई भी पार्टी स्पष्ट बहुमत हासिल करने में नाकाम रही थी। इस चुनाव में भाजपा ने सबसे ज्यादा 110 सीटें जीतीं थी। पार्टी को कुल 33.86 फीसदी वोट हासिल हुए थे। उसके बाद कांग्रेस के खाते में 80 सीटें आई थीं। इसे 34.76 प्रतिशत मत मिले थे। वहीं, जेडीएस के 28 उम्मीदवारों ने चुनाव में जीत दर्ज की थी। इसके लिए 18.96 फीसदी मतदाताओं ने वोट किया था।
चुनाव नतीजों के पहली बार किसी दक्षिणी राज्य में भाजपा ने सरकार बनाई। दरअसल, 2008 के चुनाव में 110 सीटें जीतने वाली भारतीय जनता पार्टी को महज तीन विधायकों के समर्थन की जरूरत थी जिसके लिए उसे छह निर्दलीयों का साथ मिल गया। इस तरह से पार्टी के दिग्गज नेता बीएस येदियुरप्पा को राज्य का मुख्यमंत्री बनाया गया। 2011 में भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे येदियुरप्पा को इस्तीफा देना पड़ा। उनकी जगह सदानंद गौड़ा मुख्यमंत्री बने। 10 महीने बाद उनकी जगह जगदीश शेट्टार को भाजपा ने मुख्यमंत्री बनाया।