धर्मस्थल में सामूहिक कब्रों की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) को एक बार फिर चौंकाने वाली सफलता हाथ लगी है। सोमवार को पुलिस महानिदेशक प्रणब मोहंती की निगरानी में SIT ने एक नए स्थल बंगलेगुड्डे में खुदाई करवाई, जहां से कई मानव खोपड़ियां और हड्डियों के टुकड़े बरामद किए गए। यह स्थल पहले की गई जांच से बाहर था और पहली बार यहां खुदाई करवाई गई।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक बंगलेगुड्डे नामक स्थान पर 100 फीट ऊंचे इलाके में जब खुदाई शुरू हुई तो जमीन के भीतर से मानव खोपड़ियां, जबड़े और हड्डियों के टुकड़े मिलने लगे। ये अवशेष बेतरतीब ढंग से दबे हुए थे, जिससे शक गहराता है कि इन्हें सुनियोजित तरीके से दफनाया गया था। इससे पहले जिस 11वें स्थल पर खुदाई चल रही थी, उसे रोककर टीम ने यहां कार्रवाई की।
1995 से 2014 तक की मौतों से जुड़ सकती है कड़ी
एसआईटी इस पूरे मामले को 1995 से 2014 के बीच हुई सैकड़ों अप्राकृतिक मौतों से जोड़कर देख रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस अवधि की सभी अननैचुरल डेथ रिपोर्ट्स को इकट्ठा कर लिया गया है। अब जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बरामद कंकालों का संबंध किन मामलों से है और क्या इनका सीधा लिंक पहले दर्ज मामलों से है।
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एफएसएल जांच में खुलेंगे राज
बरामद खोपड़ियों और हड्डियों को बेंगलुरु स्थित फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी एफएसएल) भेजा गया है, जहां इनकी उम्र, लिंग, मृत्यु का कारण और पहचान की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अधिकारियों का मानना है कि इन अवशेषों के जरिए कई पुराने गुमशुदगी के मामलों का भी खुलासा हो सकता है। 31 जुलाई को साइट नंबर 6 से भी इसी तरह के कंकाल मिले थे, जिन्हें पहले ही फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जा चुका है।
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एसआईटी बढ़ाएगी जांच का दायरा
इस नए खुलासे के बाद इलाके में दहशत फैल गई है। स्थानीय लोग अब इन स्थानों के पास जाने से भी डर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार SIT अब ऐसे और संदिग्ध स्थलों को चिह्नित करने जा रही है जहां संभावित रूप से और शव दबे हो सकते हैं। पुलिस ने यह भी बताया कि जांच के दायरे में उन सभी लोगों को लिया जाएगा जिन पर पहले संदेह जताया गया था या जो इन क्षेत्रों से जुड़े हैं।