उन्होंने कहा कि कल जो भी हुआ, उसे मैं राज्य प्रायोजित विरोध मानता हूं, क्योंकि यह कायरतापूर्ण प्रदर्शन उस वक्त किया गया, जब वह बारिश से हुए नुकसान का जायजा लेने गए थे।
कर्नाटक में कोडागु दौरे के दौरान कांग्रेस नेता सिद्धारमैया की कार पर अंडे फेंके जाने और काले झंडे दिखाए गए थे। अब कांग्रेस नेता ने इस तरह के विरोध को राज्य प्रायोजित करार दिया। कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सिद्धारमैया ने आरोप लगाया कि उनकी कार पर अंडे फेंकने वाले लोग एक खास संगठन से संबंध रखते हैं। उन्होंने दावा किया कि वे ऐसे संगठनों का महात्मा गांधी की हत्या करने वाले नाथूराम गोडसे का संबंध था।
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सिद्धारमैया ने कहा कि कल तितिमती में करीब 10 युवक नारे लगा रहे थे। इसके बाद कई जगहों पर वे एकत्र हो गए। क्या पुलिस उन्हें नहीं रोक सकती थी? अगर मुख्यमंत्री आते हैं, तो क्या वे लोगों को काले झंडे के साथ विरोध करने देंगे? क्या वे सतर्कता नहीं बरतेंगे, गिरफ्तारी नहीं करेंगे?
उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ कोडागु में पुलिस अधीक्षक कार्यालय की घेराबंदी करने की तैयारी कर रहे हैं। 26 अगस्त को वे विरोध-प्रदर्शन कर सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इलाके में कोई कानून-व्यवस्था नहीं थी। कुछ अधिकारियों की राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और बजरंग दल के साथ मिलीभगत की वजह से ऐसा माहौल बन गया है।
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उन्होंने कहा कि कल जो भी हुआ, उसे मैं राज्य प्रायोजित विरोध मानता हूं, क्योंकि यह कायरतापूर्ण प्रदर्शन उस वक्त किया गया, जब वह बारिश से हुए नुकसान का जायजा लेने गए थे। इस दौरान उन्होंने किसानों की बात सुनने की भी योजना बनाई थी।
प्रह्लाद जोशी ने किया पलटवार
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बयान पर केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि वे गैर-मुद्दे से मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहे हैं...अगर आपकी राय दूसरे से अलग है तो आप ऐसी भाषा में बात नहीं कर सकते हैं। ये कांग्रेस डुप्लीकेट कांग्रेस है।
सिद्धारमैया को जान से मारने की धमकी देने के मामले पर सीएम ने डीजी को दिया निर्देश
वीर सावरकर पर अपनी टिप्पणी को लेकर उठे विवाद के बीच कांग्रेस नेता और कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने दावा किया कि उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने सिद्धारमैया को जान से मारने की धमकी देने के मामले पर कहा कि "हमने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया है। मैंने पुलिस महानिदेशक को भी फोन किया था और उनसे बात की थी। पुलिस मामले की जांच करेगी। मैंने विपक्षी दल के नेता के लिए उपयुक्त सुरक्षा प्रदान करने का निर्देश दिया है।" बोम्मई ने कहा कि "किसी को भी ऐसा बयान नहीं देना चाहिए जिससे दूसरों के मन में खलबली मच जाए।"