कर्नाटक के सीनियर आईपीएस पी. रविंद्रनाथ ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपने त्याग पत्र में इस्तीफे की वजह बार-बार हो रहे तबादले को बताया। साथ ही, कहा कि उन्हें फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की वजह से परेशान किया गया। सीनियर आईपीएस का इस तरह इस्तीफा देना सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
यह है पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक, कर्नाटक के सीनियर आईपीएस पी रविंद्रनाथ का तबादला बार-बार किया जा रहा था। इससे परेशान होकर उन्होंने मंगलवार (10 मई) को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपने त्याग पत्र में लिखा, 'बिना किसी वजह के बार-बार मेरा तबादला किया गया। यह सिर्फ मुझे परेशान करने का तरीका था, क्योंकि मैंने फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की थी। मुझे इसका ही इनाम दिया गया।'
इस्तीफा समाधान नहीं, दबाव की शिकायत करना थी : गृह मंत्री ज्ञानेंद्र
आईपीएम अधिकारी रविंद्रनाथ के इस्तीफे पर कर्नाटक के गृह मंत्री अरगा ज्ञानेंद्र ने कहा कि यदि कोई अधिकारी किसी दबाव में था तो उसे जांच के लिए किसी उच्च अधिकारी को शिकायत अवश्य दी होगी। इस्तीफा समाधान नहीं है, मुझे उनके इस्तीफे के बारे में कोई जानकारी नहीं थी।
हर सरकार के दौरान होते हैं इस्तीफे : मंत्री हेब्बार
इसी तरह, कर्नाटक के मंत्री शिवराम हेब्बार ने कहा कि इस तरह के इस्तीफे हर सरकार के कार्यकाल में आते हैं, अकेले भाजपा सरकार के दौरान इस्तीफे हुए, ऐसा नहीं है। रविंद्रनाथ का कहना है कि वे दबाव में इस्तीफा दे रहे हैं, लेकिन कभी-कभी कुछ अलग आंतरिक मामले होते हैं। मुझे नहीं पता कि उन्होंने इस्तीफा क्यों दिया?
कांग्रेस-भाजपा के बीच अंदरूनी समझ : कुमार स्वामी
पूर्व सीएम व जेडीएस के नेता कुमार स्वामी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और भाजपा दोनों के बीच अंदरूनी समझ है। वे इस सरकार को अवैध रूप से चला रहे हैं। इसलिए मैंने इस सरकार से अनुरोध किया कि वह आईपीएस रविंद्रनाथ का इस्तीफा स्वीकार न करें बल्कि उन्हें खुली छूट दे।