इस मौके पर राज्य के पशुपालन मंत्री प्रभु चौहान और गृह मंत्री बसावराज बोम्मई सहित उनके मंत्रिमंडल के अन्य सहयोगी भी मौजूद रहे। बता दें, येदियुरप्पा ने अपने आवास पर ‘गोमाता’ के माथे पर कुमकुम और हल्दी से तिलक लगाया और उन पर अक्षत और पुष्प की वर्षा की। इसके बाद उन्होंने गायों को चावल, दाल और केले भी खिलाए।
बता दें, कर्नाटक मवेशी वध रोकथाम एवं संरक्षण विधेयक भाजपा सरकार के प्रमुख विधेयकों में से एक था, जिसके बारे में पार्टी के चुनावी घोषणा पत्र में वादा किया गया था। विधानसभा में पारित होने के बाद विधान परिषद में यह विधेयक अटक गया था। वहीं, सोमवार को विधान परिषद के उप सभापति एम के प्रणेश ने जब इस मामले को उठाया तो कांग्रेस और जदएस के सदस्य सदन के बीच में आ गए और नारेबाजी शुरू कर दी।
विपक्ष के हंगामे के बीच प्रणेश ने विधेयक के पारित होने की घोषणा कर दी। कांग्रेस और जदएस विधेयक के विरोध में थीं। दोनों पार्टियों का कहना है कि इसकी मंशा अल्पसंख्यकों को निशाना बनानकी है। गौरतलब है कि कर्नाटक देश के उन चुनिंदा राज्यों में शामिल है, जहां 12 साल से कम आयु की गायों और भैंसों के परिवहन, तस्करी और वध करने वालों के खिलाफ सख्त प्रावधान हैं। नये कानून के तहत मवेशी के वध पर सात साल तक की कैद और 50,000 रुपये से लेकर पांच लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।