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कर्नाटक में फिर सियासी हलचल: क्या जल्द बदलेगा मुख्यमंत्री? डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार को लेकर MLA का बड़ा दावा

Sun, 29 Jun 2025 03:17 PM IST
हिमांशु चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू

सार

कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें तेज हो गई हैं। कांग्रेस विधायक इकबाल हुसैन ने दावा किया है कि डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार अगले दो-तीन महीने में मुख्यमंत्री बन सकते हैं। हालांकि, सिद्धारमैया गुट इसे अफवाह बता रहा है। कांग्रेस हाईकमान ही अंतिम फैसला करेगा। सितंबर के बाद राज्य में 'बड़ी राजनीतिक हलचल' की संभावना जताई जा रही है।
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डीके शिवकुमार, सिद्धारमैया - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के भीतर एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार को लेकर विधायक हुसैन का बड़ा बयान सामने आया है। उनका दावा है कि शिवकुमार को अगले दो से तीन महीनों में मुख्यमंत्री बनने का मौका मिल सकता है। उनके इस बयान के बाद प्रदेश की सियासत में अटकलों का बाजार गर्म हो गया है।
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कांग्रेस विधायक एचए इकबाल हुसैन शिवकुमार के करीबी माने जाते हैं, ऐसे में उनके दावे को लेकर सियासत और तेज है। उन्होंने कहा कि जो नेता कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार बनाने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे थे, अब उन्हें उनका हक मिलना चाहिए। हुसैन ने कहा, "सबको पता है कि हमारी सरकार किसकी मेहनत से बनी। शिवकुमार की रणनीति और काम को कोई नजरअंदाज नहीं कर सकता।

सितंबर के बाद 'बड़ी सियासी हलचल' की चर्चा
विधायक हुसैन का यह बयान ऐसे समय आया है जब सहकारिता मंत्री केएन राजन्ना ने हाल ही में सितंबर के बाद 'बड़ी सियासी हलचल' की बात कही थी। उनके इस बयान के बाद ही फिर से कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा तेज हो गई। हालांकि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बेटे यतीन्द्र ने इस तरह की बातों को अफवाह करार दिया है।
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'फैसला हाईकमान ही करेगा'
इकबाल हुसैन ने साफ कहा कि कांग्रेस में अंतिम फैसला हाईकमान ही करता है। उन्होंने कहा कि हम सभी जानते हैं कि 2023 में सरकार बनाने का फैसला सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने मिलकर लिया था। अगला फैसला भी वही करेंगे। उन्होंने ये भी कहा कि बदलाव की चर्चा हो रही है, लेकिन इसे 'क्रांति' कहना गलत है।

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पावर-शेयरिंग फॉर्मूले की चर्चा फिर शुरू
माना जाता है कि पिछले साल विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस हाईकमान ने सिद्धारमैया को सीएम और शिवकुमार को डिप्टी सीएम बनाने का फार्मूला तय किया था। उस समय 'ढाई-ढाई साल' का पावर-शेयरिंग फॉर्मूला भी सामने आया था, हालांकि इसे कभी आधिकारिक रूप से नहीं माना गया। शिवकुमार खुद कई बार संकेत दे चुके हैं कि उनकी सीएम बनने की महत्वाकांक्षा खत्म नहीं हुई है।
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विपक्ष की कोई चुनौती नहीं- हुसैन
हुसैन ने साफ किया कि सरकार पूरी तरह से मजबूत है और विपक्ष कोई खतरा नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर कोई दूसरी पार्टी सरकार गिराती, तो इसे क्रांति कहा जाता। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हो रहा। कांग्रेस में अनुशासन है, सब हाईकमान के फैसले के साथ हैं। जब समय आएगा, जो उपयुक्त होगा, वही फैसला लिया जाएगा। इससे स्पष्ट है कि आने वाले महीनों में कर्नाटक की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

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