कर्नाटक की राजनीति में केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी और राज्य के गृह मंत्री प्रियांक खरगे के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। कुमारस्वामी ने प्रियांक पर अपने पद और राजनीतिक संपर्कों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे होने के कारण प्रियांक को राजनीतिक ताकत का फायदा मिलता है। कुमारस्वामी ने प्रियांक की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए और उन पर दूसरों की आलोचना करने में ज्यादा समय लगाने का आरोप लगाया। हालांकि, ये सभी आरोप कुमारस्वामी ने लगाए हैं।
प्रियांक खरगे पर क्यों भड़के कुमारस्वामी?
प्रियांक खरगे की आलोचना का जवाब देते हुए कुमारस्वामी ने उन्हें तंज कसते हुए ‘बदनामी करने वाला मंत्री’ बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रियांक दूसरों पर निशाना साधते हैं, लेकिन काम के मामले में उतने सक्रिय नहीं हैं। कुमारस्वामी ने यह भी कहा कि गृह मंत्री को अपनी पहचान को लेकर संकट है और वह लगातार किसी न किसी मुद्दे पर विवाद खड़ा करते हैं। एक तीखी टिप्पणी में उन्होंने प्रियांक को अपनी सोच, बोलने के तरीके, फैसले लेने की क्षमता और कामकाज पर ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने आरोप लगाया कि गृह मंत्री के तौर पर प्रियांक के व्यवहार से राज्य के प्रशासन की छवि प्रभावित हो रही है।
मल्लिकार्जुन खरगे का नाम लेकर कुमारस्वामी ने क्या आरोप लगाए?
कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि प्रियांक खरगे अपने पिता मल्लिकार्जुन खरगे के कांग्रेस अध्यक्ष होने के कारण खुद को ज्यादा महत्वपूर्ण समझते हैं और इसी राजनीतिक पहुंच का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रियांक और कांग्रेस के कुछ अन्य नेता वरिष्ठ खरगे की पार्टी में स्थिति का फायदा उठाकर राजनीतिक परेशानी पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। कुमारस्वामी ने यह भी दावा किया कि कांग्रेस के कुछ मंत्री और विधायक प्रियांक की कथित गतिविधियों से परिचित हैं और उन्होंने इस संबंध में उन्हें जानकारी दी है। हालांकि, इन दावों के समर्थन में बयान में कोई स्वतंत्र प्रमाण पेश नहीं किया गया।
केपीएससी विवाद को लेकर क्या चेतावनी दी?
कुमारस्वामी ने कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) से जुड़े विवाद का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उन्हें पता है कि प्रियांक उनकी हर गतिविधि पर नजर रखते हैं, लेकिन उन्हें भी केपीएससी विवाद याद रखना चाहिए। कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि इस मामले में अनियमितताएं हुई हैं और वह उन्हें सामने लाए बिना पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने प्रियांक पर रोज किसी न किसी को निशाना बनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि कभी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस), कभी एसआईआर और कभी उन्हें निशाना बनाया जाता है। कुमारस्वामी के मुताबिक, जब कोई दूसरा निशाना नहीं मिलता, तो प्रियांक खुद पर ही हमला करने लगते हैं।
सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार को लेकर क्या दावा किया?
केंद्रीय मंत्री ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और प्रियांक खरगे को लेकर भी आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि इन नेताओं ने मिलकर राहुल गांधी को गुमराह किया और सिद्धारमैया की स्थिति कमजोर करने की साजिश रची। कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि इस कथित घटनाक्रम में कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व और राज्य नेतृत्व, दोनों का समर्थन था। उन्होंने प्रियांक को सिद्धारमैया का नाम लेकर खुद का बचाव करने से भी आगाह किया। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में उन्होंने सार्वजनिक रूप से कोई प्रमाण नहीं दिया। इसलिए इन दावों को कुमारस्वामी के आरोपों के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
स्टिंग ऑपरेशन विवाद पर प्रियांक खरगे को क्यों घेरा?
कुमारस्वामी ने चल रहे स्टिंग ऑपरेशन विवाद को लेकर भी प्रियांक खरगे पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि गृह मंत्री रिकॉर्डिंग अपलोड करने वालों के खिलाफ तेजी से कार्रवाई कर रहे हैं, लेकिन कथित स्टिंग ऑपरेशन करने वाले व्यक्ति को बचा रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि प्रियांक का उस व्यक्ति से क्या संबंध है, जिसे उन्होंने स्टिंग ऑपरेशन की साजिश से जुड़ा बताया। कुमारस्वामी ने सिद्धारमैया के साथ प्रियांक की मुलाकात का जिक्र करते हुए पूछा कि क्या मुख्यमंत्री ने उन्हें कोई सफाई दी या फटकार लगाई। उन्होंने दावा किया कि उनके पास ऐसी जानकारी है कि बैठक में प्रियांक को कड़ी बात सुननी पड़ी। साथ ही उन्होंने प्रियांक पर स्टिंग विवाद से ध्यान हटाने की कोशिश करने का आरोप लगाया और कहा कि समय के साथ उनके आचरण और राजनीतिक रवैये का आकलन होगा।