मंत्री ईश्वर खंड्रे का बयान
कर्नाटक में नेतृत्व को लेकर उठ रहे सवालों के बीच मंत्री ईश्वर खंड्रे ने कहा कि हाईकमान ने निर्देश दिए हैं कि इस मुद्दे पर सार्वजनिक तौर पर कुछ न कहा जाए। उन्होंने कहा कि सरकार अच्छा प्रशासन दे रही है और यही काम आगे भी जारी रहेगा।पार्टी अनुशासन सबसे ऊपर है और नेतृत्व को लेकर कोई बयानबाजी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार स्थिर है और जनता के हित में काम जारी रखेगी।
मंत्री केएच मुनियप्पा का नेतृत्व विवाद पर सुझाव
मामले में मंत्री केएच मुनियप्पा ने कहा कि स्थिति को सुलझाने के लिए पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और सोनिया गांधी को मुख्यमंत्री और डिप्टी सीएम को बुलाना चाहिए ताकि सरकार सुचारू रूप से चल सके। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं को साथ बैठकर जल्द फैसला करना चाहिए। मुनियप्पा के अनुसार, समय पर समाधान से सरकार की कार्यकुशलता और स्थिरता बनी रहेगी।
विवाद पर कांग्रेस की सफाई
इसी बीच कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि भाजपा को इस मुद्दे पर सवाल उठाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक में चुनी हुई सरकार काम कर रही है और अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद कांग्रेस फिर से सरकार बनाएगी।श्रीनेत के मुताबिक राज्य सरकार बेहद लोकप्रिय है और जनता का भरोसा उसके साथ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी अपने आंतरिक मामलों को खुद सुलझा लेगी और विपक्ष का शोर इसकी स्थिरता पर असर नहीं डालता।
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