भाजपा नेता सीटी रवि ने पुलिस पर हिरासत में उन्हें प्रताड़ित करने और उन्हें एक थाने से दूसरे थाने घुमाने का आरोप लगाया है। अब भाजपा नेता के आरोपों पर पुलिस ने सफाई पेश की है। पुलिस ने कहा है कि सुरक्षा कारणों और कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से भाजपा नेता को विभिन्न जगहों पर शिफ्ट करना पड़ा था। पुलिस ने प्रताड़ना की बात से भी इनकार किया है और कहा कि भजापा नेता को खाना और चिकित्सा आदि की सभी सुविधाएं दी गईं थी।
पुलिस ने दी सफाई
पुलिस ने 19 दिसंबर को भाजपा नेता सीटी रवि को गिरफ्तार किया था। कर्नाटक सरकार की मंत्री लक्ष्मी हेब्बलकर के खिलाफ विधान परिषद हॉल में अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप में ये गिरफ्तारी हुई थी। पुलिस के बयान के अनुसार, सीटी रवि के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 75 और 79 के तहत हिरेबागेवाड़ी थाने में मामला दर्ज किया गया था। हालांकि सुरक्षा कारणों और थाने के आसपास भारी भीड़ इकट्ठा होने के चलते सीटी रवि को खानपुरा पुलिस थाने स्थानांतरित कर दिया गया।
पुलिस ने बताया कि खानपुरा थाने में भी बड़ी संख्या में मीडिया कर्मचारी, भाजपा समर्थक इकट्ठा हो गए, जिससे अराजक स्थिति पैदा हो गई। ऐसी आशंका थी कि वहां कांग्रेस समर्थक भी आ सकते हैं, जिससे टकराव के हालात बन सकते थे। इससे कानून व्यवस्था बिगड़ने की आशंका थी। इसे ध्यान रखते हुए रवि को रामदुर्ग स्टेशन स्थानांतरित कर दिया गया। सभी सावधानियों के बाद भी, मीडिया और अन्य लोगों द्वारा काफिले का पीछा किया जा रहा था। ऐसे में सीटी रवि की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए काफिले को चुपचाप अलग कर दिया गया।
भाजपा नेता ने लगाए थे मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप
भाजपा नेता सीटी रवि ने पुलिस पर उनके मानवाधिकारों के उल्लंघन करने का आरोप लगाया। सीटी रवि ने कहा कि पुलिस पूरी रात उन्हें एक जगह से दूसरी जगह घुमाती रही। भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव ने दावा किया कि पुलिस किसी के निर्देश पर काम कर रही थी। सीटी रवि ने कर्नाटक सरकार पर हमला बोलते हुए उन्हें तानाशाह करार दिया।